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क्या आप जानते हैं । Do You Know 5

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1 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी विश्व व्यापार संघठन को छोड़ने की धमकी ।

2 उत्तर कोरिया के खतरे से निपटने के लिए जापान अपने रक्षा बजट को रिकॉर्ड 48 बिलियन डॉलर तक बढ़ाना चाहता है । जिसका एक बड़ा हिस्सा जापान अमेरिका से मिसाइल डिफेंस सिस्टम तथा लड़ाकू विमान खरीदने में करेगा ।
3 चीन सरकार ने युवाओं की पास की नज़र को कमजोर होने से बचाने के लिए ऑनलाइन वीडियो गेम्स की संख्या को नियंत्रित करने का निर्णय लिया है ।
4 साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन  ने कहा कि वो  अपना एक विशेष दूत नॉर्थ कोरिया भेजेंगे जिसका मकसद कोरियायी प्रायद्वीप में शान्ति स्थापित करना था कोरियायी प्रायद्वीप को परमाणु शक्ति मुक्त करना होगा
5 रुसी स्पेस एजेंसी ने कहा कि अंतरास्ट्रीय स्पेस स्टेशन में एक उल्का पिंड के टकराने से एक छोटी सी  दरार पड़ गयी  जिसे वैज्ञानिकों ने सीलेंट की सहायता से ठीक किया ।

6 अमेरिका मे हवाई जहाज से झील में गिराई जा रही ह मछलियां ।

7 वाइट ब्रेड की स्वामित्व वाली प्रशिद्ध कोस्टा कॉफी चेन को खरीदेगी कोका कोला कंपनी , यह सोदा 3.9 अरब पाउंड में होगा ।

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भारत की प्रमुख ब्रिटिश कालीन आयोग व समितियां

ब्रिटिशकालीन आयोग व समितियां- ब्रिटिश काल में बने प्रमुख आयोग समितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी इस आर्टिकल में प्रदान की गई है, इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे ब्रिटिश काल में बने 30 प्रमुख आयोग व समितियों के बारे में तो चलिए शुरू करते हैं- 1. इनाम आयोग- इनाम आयोग की स्थापना 1852 में की गई थी, इसके अध्यक्ष इनाम थे, उस समय भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी थे। इनाम आयोग का उद्देश्य भूमि संबंधी विवेचना था। 2. दुर्भिक्ष आयोग(I)-दुर्भिक्ष आयोग की स्थापना 1880 में की गई थी दुर्भिक्ष आयोग के अध्यक्ष रिचर्ड स्ट्रेची थे, इस समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड लिटन थे, दुर्भिक्ष आयोग का उद्देश्य अकाल निवारण पर विचार करना था, 3.हण्टर आयोग- हंटर आयोग की स्थापना 1882 में की गई थी, इसके अध्यक्ष विलियम हंटर थे, हंटर आयोग की स्थापना के समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड रिपन थे, इस आयोग का उद्देश्य शिक्षा का विकास था। 4. एचिंसन आयोग-एचिसंन आयोग का गठन 1886 मैं किया गया था, इसके अध्यक्ष चार्ल्स एचिसंन थे,जिसमें एचिसंन आयोग बना उस समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड डफरिन थे,एचिंसन आयोग का उद्देश्य नागरिक सेवा में भारतीयों की...

भारत के प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र

प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र- भारत में पेट्रोलियम जो कि आधुनिक भारत की मूलभूत आवश्यकता है पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है, जिसका भारी मात्रा में विदेशों से आयात किया जाता है इसके बावजूद भारत में कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां पर पेट्रोलियम खनिज पाया जाता है इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे उन्हीं विशेष पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्रों की- असम - असम भारत का एक प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक राज्य है जिसमें पेट्रोलियम खनिज के उत्पादन के लिए दो क्षेत्र महत्वपूर्ण है, उनमें से पहला है डिग्बोई तथा दूसरा है सूरमा घाटी प्रश्न- सूरमा घाटी नामक पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र किस राज्य के अंतर्गत आता है? उत्तर- सूरमा घाटी नामक पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र असाम राज्य के अंतर्गत आता है। गुजरात - गुजरात भी पेट्रोलियम उत्पादक राज्य है यहां पर खंभात तथा अंकलेश्वर नामक दो पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र स्थित हैं। महाराष्ट्र - महाराष्ट्र भी भारत का एक प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है यहां पर बॉम्बे हाई नामक जगह से पेट्रोलियम का उत्पादन किया जाता है। भारत में पेट्रोलियम उत्पादन से संबंधित कुछ विशेष बिंदु- * गुजरात के...

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General Hindi- शेखर जोशी का जीवन परिचय

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वित्तीय आपात क्या होता है? || Vittiya aapat kya hai?

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