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Showing posts from October, 2019

भक्ति आंदोलन (Bhakti Aandolan) से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

Bhakti aandolan एवं उससे संबंधित सामान्य ज्ञान के प्रश्न (Bhakti andolan se sambhandhit samanya gyaan k prasan ) सामान्य ज्ञान- इतिहास भक्ति आंदोलन से संबंधित प्रश्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में पूछे जाते हैं, भक्ति आंदोलन से जनजागृति में वृद्धि हुई तथा भक्ति आंदोलनों ने भारतीय मनुष्यों की चेतना में वृद्धि की,इसलिए भक्ति आंदोलन से संबंधित प्रश्न महत्वपूर्ण है। भक्ति आंदोलन 1. भक्ति आंदोलन की शुरुआत छठी शताब्दी में हुई थी, 2. भक्ति आंदोलन मूल रूप से तमिलनाडु क्षेत्र से प्रारंभ होकर कर्नाटक होते हुए महाराष्ट्र तक फैला, 3. भक्ति आंदोलन को 12 अलवार वैष्णव संतो ने 63 नयनार शैव  संतो के साथ प्रारंभ किया था, 4. जैनियों और बौद्धों ने अपरिग्रह ( किसी प्रकार की संपत्ति न रखना अपरिग्रह कहलाता है ) को मुक्ति का मार्ग बताया है, जबकि शैव नयनारो और वैष्णव अलवारों ने बौद्धों तथा जैनियों के इस मार्ग को अस्वीकार कर ईश्वर के प्रति व्यक्तिगत भक्ति को ही मुक्ति का मार्ग माना है, 5. अप्पार शैव संत थे जिन्होंने पल्लव राजा महेंद्र वर्मन को शैव धर्म स्वीकार करवाया था, 6. भ...

भारत के इतिहास के बारे में विदेशी यात्रियों से मिलने वाली प्रमुख जानकारियां

भारत के इतिहास के बारे में विदेशी यात्रियों  से मिलने वाली प्रमुख जानकारियां भारतीय इतिहास के बहुत से प्रमुख स्रोत है परंतु उनमें से कुछ महत्वपूर्ण स्रोत हैं समकालीन लेखकों के यात्रा वृतांत तथा  उनकी पुस्तकें- यूनानी रोमन लेखक- 1- हेरोडोटस को इतिहास का पिता कहा जाता है इसने पांचवी सदी पूर्व  हिस्टोरिका का नामक अपनी पुस्तक में भारत तथा फारस यानी वर्तमान इरान का वर्णन किया है परंतु इसका विवरण भी अफवाहों तथा अनुश्रुतियों पर आधारित है । 2- मेगस्थनीज सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था जो चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था इसने अपनी पुस्तक इंडिका में मौर्य युगीन समाज एवं संस्कृति का उल्लेख किया है ‌। 3- डाईमेकस सीरियल नरेश आंतियोकस का राजदूत था यह बिंदुसार के दरबार में आया था इसका विवरण भी मौर्यकालीन राजनीति से  संबंधित है । 4- डायोनिसियस मिस्र के राजा टॉलमी फिलेडेल्फस   का राजदूत था जो अशोक के दरबार में आया था । 5- टालमी   ने भारत का भूगोल नामक पुस्तक की रचना की थी दूसरी शताब्दी में, 6- नेचुरल हिस्ट्री नामक पुस्तक के रचयिता प्लिनी ...

भारत के महत्वपूर्ण अभिलेख

भारत के महत्वपूर्ण अभिलेख   ( Bharat Ke Mahtwapurn Abhilekh ) प्रश्न (1)   देवपाडा अभिलेख ( Devpada Abhilekh )   किस शासक का है? उत्तर:-  देवपाड़ा अभिलेख   बंगाल शासक विजय सेन  का है। प्रश्न (2)  देवपाड़ा अभिलेख  या  देव पारा अभिलेख  कहां स्थित है? उत्तर-  देव पाड़ा अभिलेख   बंगाल  में स्थित है यह  बंगाल के सेन राजा विजय सेन  से संबंधित है। प्रश्न (3)   अभिलेखों का अध्ययन   क्या कहलाता है? उत्तर:-  अभिलेखों का अध्ययन   इपीग्राफी   कहलाता है । प्रश्न (4)  हाथीगुंफा अभिलेख का संबंध किस राजा से है ? उत्तर:-  हाथीगुंफा अभिलेख का संबंध कलिंग राजा खारवेल से हैं यह पहला तिथि रहित अभिलेख है । प्रश्न(5)  जूनागढ़ ( गिरनार ) अभिलेख किस शासक का है? उत्तर:-  जूनागढ़ ( गिरनार ) अभिलेख रुद्रदामन का है । प्रश्न (6)  नासिक अभिलेख किस शासक का है? उत्तर:-  नासिक अभिलेख गौतमी बलश्री का है । प्रश्न(7)  प्रयाग स्तंभ लेख से किस शा...

विजयनगर साम्राज्य से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

विजयनगर साम्राज्य व   उससे संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न- विजयनगर साम्राज्य से संबंधित प्रश्नों को अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता है, इसलिए विजयनगर साम्राज्य से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न निम्नलिखित है- Q.1 विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किसने की थी ? Ans. विजयनगर साम्राज्य की स्थापना   हरिहर और बुक्का नामक दो भाइयों ने की थी, विजयनगर का शाब्दिक अर्थ होता है "  जीत का नगर ", हरिहर और बुक्का ने विद्यारण्य संत से आशीर्वाद प्राप्त कर विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की थी, हरिहर और बुक्का ने अपने पिता के नाम पर संगम राजवंश की स्थापना की थी, विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हंपी थी, विजयनगर साम्राज्य के खंडहर वर्तमान में तुंगभद्रा नदी पर स्थित है, विजयनगर साम्राज्य की राजभाषा तेलगू थी । हरिहर और बुक्का विजयनगर की स्थापना करने से पहले वारंगल के काकतीय शासक प्रताप रुद्रदेव के सामंत हुआ करते थे , विजयनगर साम्राज्य पर 4 राजवंशों ने एक के बाद एक शासन किया जिनमें से पहला वंश था-  संगम वंश  दूसरा सलुब वंश  तीसरा है तुलुव वंश ...