Skip to main content

अटलांटिक महासागर में स्थित गर्म एवं ठंडी जलधारा को याद करने की ट्रिक

अटलांटिक महासागर की गर्म जल धाराओं को याद करने की ट्रिक-

अटलांटिक महासागर में सात गर्म जल धाराएं स्थित हैं जिनके नाम निम्नलिखित हैं-

1) उत्तरी विषुवत रेखीय जलधारा, यह प्रशांत महासागर तथा अटलांटिक महासागर में स्थित एक गर्म जलधारा है।

2) गल्फ स्ट्रीम महासागरीय जलधारा,यह अटलांटिक महासागर में स्थित एक गर्म जलधारा है।

3) फ्लोरिडा महासागरीय जलधारा, यह अटलांटिक महासागर में स्थित एक गर्म जलधारा है।

4) दक्षिण विषुवत रेखीय जलधारा,यह जलधारा प्रशांत महासागर तथा अटलांटिक महासागर दोनों में स्थित है यह एक गर्म जलधारा है।

5) ब्राजील महासागरीय जलधारा, यह एक प्रकार की गर्म जलधारा है यह अटलांटिक महासागर में स्थित है।

6) विपरीत विषुवत रेखीय  (गिनी) जलधारा, यह एक प्रकार की गर्म जलधारा है, जो अटलांटिक महासागर में स्थित है।

7)  इरमिंजर की जलधारा, यह अटलांटिक महासागर में स्थित एक गर्म जलधारा है।

महासागरीय जलधारा को याद करने की ट्रिक-

1) उत्तरी विषुवत रेखीय जलधारा, दक्षिण विषुवत रेखीय जलधारा, विपरीत विषुवत रेखीय जलधारा सभी गर्म जल धाराएं हैं।

2) गल्फ स्ट्रीम, स्ट्रीम यानी भाप और भाव से हाथ जलता है, इसलिए गल्फ स्ट्रीम एक गर्म जलधारा है।

3) इरमिंजर, फ्लोरिडा के पास ब्राजील में बैठकर FB चलाता है।

इरमिंजर एक गर्म जलधारा है,

F=फ्लोरिडा की जलधारा

B=ब्राजील की जलधारा


अटलांटिक महासागर की ठंडी जलधाराओं को याद करने की ट्रिक-

अटलांटिक महासागर में ठंडी जलधाराएं हैं जिनके नाम निम्नलिखित हैं-
1) लैब्राडोर की जलधारा, यह अटलांटिक महासागर में स्थित एक ठंडी जलधारा है, लैब्राडोर यानी लंबे बालों वाला कुत्ता, क्योंकि कुत्ते के बाल लंबे हैं इसलिए हम अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां पर ठंड बहुत ज्यादा होगी,इस प्रकार लैब्राडोर एक प्रकार की ठंडी जलधारा होगी।

2) बेंगुएला की जलधारा, यह अटलांटिक महासागर में स्थित एक ठंडी जलधारा है, बगुला जो कि पानी में रहता है और पानी सामान्यतः ठंडा होता है,इसलिए बेंगुएला की जलधारा एक ठंडी जलधारा है।

3) कनारी जलधारा, अटलांटिक महासागर में स्थित ठंडी जलधारा है, आपने अमेरिकी राष्ट्रपति जी एफ कैनेडी का नाम जरूर सुना होगा वे एक शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, जब जल शांत होगा तब उसमें किसी प्रकार की ऊर्जा नहीं होगी तथा बहुत ठंडा होगा इस प्रकार कनारी जलधारा एक प्रकार की ठंडी जलधारा है।

4) पूर्वी ग्रीनलैंड की जलधारा,यह अटलांटिक महासागर में स्थित एक ठंडी जलधारा है, क्योंकि ग्रीनलैंड बर्फ से ढका है तथा बर्फ ठंडी होती है, इस प्रकार पूर्वी ग्रीनलैंड की जलधारा ठंडी जलधारा होगी।

5) अंटार्कटिका की जलधारा, यह जलधारा प्रशांत महासागर तथा अटलांटिक महासागर दोनों में स्थित है, अंटार्कटिका बर्फ से ढका हुआ है, इसलिए यह एक ठंडी जलधारा होगी।

6) फाकलैंड की जलधारा, अटलांटिक महासागर में स्थित ठंडी जलधारा है।


Comments

Popular posts from this blog

अर्थशास्त्र की परिभाषा लिखिए?

  अर्थशास्त्र की परिभाषा - “ मानव की आर्थिक गतिविधियों का अध्ययन अर्थशास्त्र कहलाता है " यह अर्थशास्त्र की सबसे सरल परिभाषा है परन्तु जैसा की आप सभी पाठक जानते हैं www.fynclick.blogspot.com आप को सबसे सरल व पूर्ण व्याख्या प्रस्तुत करता है तो इसी कड़ी में हम आगे जानेंगे कि ये " आर्थिक गतिविधियों " से सामान्यतः क्या अर्थ निकाला जाता है। अर्थशास्त्र में आर्थिक गतिविधियों से क्या तात्पर्य है? अर्थशास्त्र में  मानव की वे सभी गतिविधियां जिनमें मुद्रा शामिल होती है आर्थिक गतिविधियां कहलाती है और मुद्रा शामिल करने का मुख्य कारण लाभ कमाना होता है। आर्थिक गतिविधियों के उदाहरण - नौकरी देना, नौकरी पाना, किसी चीज का क्रय-विक्रय, किसी भी प्रकार का व्यवसाय आदि सभी आर्थिक गतिविधियों हैं। P.A Samuelson and W.D Nordhuas के अनुसार अर्थशास्त्र की क्या परिभाषा है?  P.A Samuelson and W.D Nordhuas के अनुसार अर्थशास्त्र की परिभाषा “ अर्थशास्त्र समाज द्वारा दुर्लभ संसाधनों के उपयोग से मूल्यवान उत्पादों के उत्पादन और उनके वितरण का अध्ययन करता है”  J.E Stiglitz and C.E Walsh के अनुसार अर्थशा...

भारत के प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र

प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र- भारत में पेट्रोलियम जो कि आधुनिक भारत की मूलभूत आवश्यकता है पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है, जिसका भारी मात्रा में विदेशों से आयात किया जाता है इसके बावजूद भारत में कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां पर पेट्रोलियम खनिज पाया जाता है इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे उन्हीं विशेष पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्रों की- असम - असम भारत का एक प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक राज्य है जिसमें पेट्रोलियम खनिज के उत्पादन के लिए दो क्षेत्र महत्वपूर्ण है, उनमें से पहला है डिग्बोई तथा दूसरा है सूरमा घाटी प्रश्न- सूरमा घाटी नामक पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र किस राज्य के अंतर्गत आता है? उत्तर- सूरमा घाटी नामक पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र असाम राज्य के अंतर्गत आता है। गुजरात - गुजरात भी पेट्रोलियम उत्पादक राज्य है यहां पर खंभात तथा अंकलेश्वर नामक दो पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र स्थित हैं। महाराष्ट्र - महाराष्ट्र भी भारत का एक प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है यहां पर बॉम्बे हाई नामक जगह से पेट्रोलियम का उत्पादन किया जाता है। भारत में पेट्रोलियम उत्पादन से संबंधित कुछ विशेष बिंदु- * गुजरात के...

General knowledge in Hindi - चैत्य व विहार में क्या अंतर होता है?

General knowledge में आज बात करते हैं चैत्य व विहार में अंतर की चैत्य तथा विहार दोनों का संबंध बौद्ध धर्म से है, भारत की कला तथा संस्कृति में चैत्यों तथा विहारों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है , विहार बौद्ध धर्म में वे गुफाएं या कंदराएं हुआ करती थी जिनका निर्माण बौद्ध भिक्षु अपने विश्राम या रहने के लिए करते थे जबकि चैत्य का प्रयोग बौद्ध भिक्षु प्रार्थना करने के लिए करते थे। उदाहरण के लिए - अजंता की गुफाएं महाराष्ट्र में स्थित हैं जिसमें कुल 29 गुफाएं स्थित हैं व इन 29 गुफाओं में से 25 विहार व 4 चैत्य हैं।

भारत के राजद्रोह कानून की वर्तमान समय में प्रासंगिकता

 Current Affairs Today- भारत में राजद्रोह कानून  राजद्रोह कानून या Sedition Law क्या होता है?  इस आर्टिकल में हम पढ़ेंगे राजद्रोह कानून क्या है? भारत में राजद्रोह कानून की आवश्यकता ? व राजद्रोह कानून की क्या सीमाएं हैं? राजद्रोह कानून भारत की संसद द्वारा पारित एक अलग अधिनियम नहीं है बल्कि यह भारतीय दंड संहिता का एक भाग है जिसका उल्लेख भारतीय दंड संहिता की धारा 124A में किया गया है, यह 152 साल पुराना औपनिवेशिक कानून है जिसे 1870 में अंग्रेजो के द्वारा बनाया गया था। IPC के Section 124A के अनुसार राजद्रोह की परिभाषा यदि कोई व्यक्ति, बोले या लिखे गए शब्दों या संकेतों के द्वारा या दृश्य प्रस्तुति द्वारा, भारत में विधि द्वारा स्थापित सरकार के प्रति घृणा या अवमानना या असंतोष उत्पन्न करेगा तो उसे राजद्रोह के लिए आरोपी बनाया जा सकता है। ऊपर लिखे गए असंतोष शब्द में निष्ठा हीनता तथा शत्रुता की सभी भावनाओं को शामिल किया गया है। राजद्रोह भारत में एक गैर जमानती अपराध है जिसमें 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा जुर्माने के साथ या जुर्माने की बिना हो सकती है। आरोपित व्यक्ति को सरकार...

भारत की प्रमुख ब्रिटिश कालीन आयोग व समितियां

ब्रिटिशकालीन आयोग व समितियां- ब्रिटिश काल में बने प्रमुख आयोग समितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी इस आर्टिकल में प्रदान की गई है, इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे ब्रिटिश काल में बने 30 प्रमुख आयोग व समितियों के बारे में तो चलिए शुरू करते हैं- 1. इनाम आयोग- इनाम आयोग की स्थापना 1852 में की गई थी, इसके अध्यक्ष इनाम थे, उस समय भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी थे। इनाम आयोग का उद्देश्य भूमि संबंधी विवेचना था। 2. दुर्भिक्ष आयोग(I)-दुर्भिक्ष आयोग की स्थापना 1880 में की गई थी दुर्भिक्ष आयोग के अध्यक्ष रिचर्ड स्ट्रेची थे, इस समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड लिटन थे, दुर्भिक्ष आयोग का उद्देश्य अकाल निवारण पर विचार करना था, 3.हण्टर आयोग- हंटर आयोग की स्थापना 1882 में की गई थी, इसके अध्यक्ष विलियम हंटर थे, हंटर आयोग की स्थापना के समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड रिपन थे, इस आयोग का उद्देश्य शिक्षा का विकास था। 4. एचिंसन आयोग-एचिसंन आयोग का गठन 1886 मैं किया गया था, इसके अध्यक्ष चार्ल्स एचिसंन थे,जिसमें एचिसंन आयोग बना उस समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड डफरिन थे,एचिंसन आयोग का उद्देश्य नागरिक सेवा में भारतीयों की...

दीर्घ संधि किसे कहते हैं व दीर्घ संधि के 50 उदाहरण

  दीर्घ संधि- दीर्घ संधि स्वर संधि का एक भाग है, दीर्घ संधि में यदि 'अ' , ' इ' , 'उ'  के पश्चात 'अ', 'आ', 'इ','ई','उ','ऊ, स्वर आए तो दोनों को मिलाकर दीर्घ 'आ', 'ई', 'ऊ' हो जाता है। दीर्घ संधि का सूत्र - अक: सवर्णे दीर्घ:  दीर्घ संधि के उदाहरण- दीर्घ संधि में ( अ+अ= आ ) के उदाहरण- धर्म +  अर्थ = धर्मार्थ स्व  +   अर्थी = स्वार्थी देव  +  अर्चन = देवार्चन वीर + अंगना = वीरांगना मत + अनुसार = मतानुसार दीर्घ संधि में ( अ+आ= आ) के उदाहरण- देव + आलय = देवालय नव + आगत = नवागत सत्य + आग्रह = सत्याग्रह देव + आगमन = देवागमन सल्तनत काल के महत्वपूर्ण MCQ's भाग- 1 सल्तनत काल के महत्वपूर्ण MCQ's भाग-2 दीर्घ संधि में ( आ+अ= आ ) के उदाहरण - परीक्षा+ अर्थी = परीक्षार्थी सीमा+ अंत = सीमांत दिशा+ अंतर = दिशांतर रेखा + अंश = रेखांश दीर्घ संधि में ( आ+आ=आ) के उदाहरण- महा + आत्मा = महात्मा विद्या + आलय = विद्यालय वार्ता + आलाप = वार्तालाप महा + आनंद = महानंद दीर्घ संधि में ( इ + इ= ई )  के उदाहरण- अति+ इ...

General Hindi- शेखर जोशी का जीवन परिचय

  शेखर जोशी का जीवन परिचय व प्रमुख रचनाएं  * शेखर जोशी जी का जन्म 10 सितम्बर 1932 को अल्मोड़ा के औलिया गांव में हुआ था। * शेखर जोशी की रचनाओं में पहाड़ के जीवन  का समावेश मिलता है। * शेखर जोशी की प्रख्यात कहानी “ दाज्यू ” पर बाल फिल्म सोसाइटी द्वारा फिल्म का निर्माण किया गया है। * शेखर जोशी की “ कोसी का घटवार ” नामक कहानी “ कल्पना ” नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई थी। इसी कहानी से शेखर जोशी को पहचान मिली। *  शेखर जोशी को उत्तर प्रदेश संस्थान द्वारा महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार से 1987 में सम्मानित किया गया। * शेखर जोशी को साहित्य भूषण सम्मान 1995 में मिला। * शेखर जोशी को पहल सम्मान 1997 में मिला । * शेखर जोशी का कार्यक्षेत्र कहानीकार तथा साहित्यकार था । शेखर जोशी के प्रमुख उपन्यास - 1) अथ मूषक उवाच - शेखर जोशी का उपन्यास है। 2) चींटी के पर - शेखर जोशी का उपन्यास है। 3) मेरा पहाड़ - शेखर जोशी का उपन्यास है। 4) साथ के लोग- शेखर जोशी का उपन्यास है। शेखर जोशी का शब्द चित्र संग्रह- एक पेड़ की याद - शेखर जोशी का शब्द चित्र संग्रह है। शेखर जोशी के कहानी संग्रह- 1...