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भारत की प्रमुख ब्रिटिश कालीन आयोग व समितियां

ब्रिटिशकालीन आयोग व समितियां-

ब्रिटिश काल में बने प्रमुख आयोग समितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी इस आर्टिकल में प्रदान की गई है, इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे ब्रिटिश काल में बने 30 प्रमुख आयोग व समितियों के बारे में तो चलिए शुरू करते हैं-

1. इनाम आयोग- इनाम आयोग की स्थापना 1852 में की गई थी, इसके अध्यक्ष इनाम थे, उस समय भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी थे। इनाम आयोग का उद्देश्य भूमि संबंधी विवेचना था।

2. दुर्भिक्ष आयोग(I)-दुर्भिक्ष आयोग की स्थापना 1880 में की गई थी दुर्भिक्ष आयोग के अध्यक्ष रिचर्ड स्ट्रेची थे, इस समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड लिटन थे, दुर्भिक्ष आयोग का उद्देश्य अकाल निवारण पर विचार करना था,

3.हण्टर आयोग- हंटर आयोग की स्थापना 1882 में की गई थी, इसके अध्यक्ष विलियम हंटर थे, हंटर आयोग की स्थापना के समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड रिपन थे, इस आयोग का उद्देश्य शिक्षा का विकास था।

4. एचिंसन आयोग-एचिसंन आयोग का गठन 1886 मैं किया गया था, इसके अध्यक्ष चार्ल्स एचिसंन थे,जिसमें एचिसंन आयोग बना उस समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड डफरिन थे,एचिंसन आयोग का उद्देश्य नागरिक सेवा में भारतीयों की संख्या में वृद्धि पर विचार करना था।

5. अफीम आयोग-अफीम आयोग की स्थापना 1893 में की गई थी, इस समय भारत के  वॉयसराय लॉर्ड लैंसडाउन थे, अफीम आयोग का उद्देश्य अफीम सेवन को रोकना था।

6. हरशेल समिति-हरशेल समिति की स्थापना 1893 में में की गई थी इसके अध्यक्ष हरशेल थे, हर्षित समिति की स्थापना के समय भारत के वायसराय लैंसडाउन थे, हरशेल समिति का उद्देश्य टकसाल संबंधी सुझाव प्रदान करना था।

7. दुर्भिक्ष आयोग(II)- दुर्भिक्ष आयोग एक बार फिर 1898 में बनाया गया था इस समय इसके अध्यक्ष जेम्स लायल थे, तथा इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड एल्गिन थे, इसका उद्देश्य प्रथम दुर्भिक्ष आयोग की रिपोर्ट पर विचार करना था।

8. दुर्भिक्ष आयोग(III)-दुर्भिक्ष आयोग का तीसरी बार गठन 1901 में किया गया था, इस समय इसके अध्यक्ष एंथनी मैकडोनाल्ड थे, जब दुर्भिक्ष आयोग का तीसरी बार गठन किया गया तब भारत के वायसराय लॉर्ड कर्जन थे, इसका उद्देश्य द्वितीय दुर्भिक्ष आयोग की रिपोर्ट पर सुझाव देना था।

9. सिंचाई आयोग-सिंचाई आयोग की स्थापना 1901 में की गई थी, इसके अध्यक्ष वोल्विन स्काट थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड कर्जन थे, इसका उद्देश्य सिंचाई में सुधार हेतु वित्तीय विचार करना था।

10. विश्वविद्यालय आयोग-विश्वविद्यालय आयोग की स्थापना 1902 में की गई थी, इसके अध्यक्ष थॉमस रैले थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड कर्जन थे, इसका उद्देश्य भारतीय विश्वविद्यालयों की स्थिति पर विचार करना था।

11. फ्रेजर आयोग-फ्रेजर आयोग की स्थापना 1902 में की गई थी, इसके अध्यक्ष फ्रेजर थे, इसकी स्थापना के समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड कर्जन थे, फ्रेजर आयोग का उद्देश्य पुलिस की कार्य पद्धति पर विचार करना था।

12.इसलिंग्टन आयोग- इसलिंग्टन आयोग की स्थापना 1912 में की गई थी इसके अध्यक्ष इसलिंग्टन थे, इस समय भारत के वायसराय लार्ड हार्डिंग थे, इसका उद्देश्य नागरिक सेवा में भारतीयों की हिस्सेदारी पर विचार करना था।

13. मेक्लेगन समिति- मेक्लेगन समिति की स्थापना 1914 में की गई इसके अध्यक्ष मेक्लेगन थे , इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड हार्डिंग थे, इसका उद्देश्य सरकारी वित्तीय अवस्था से संबंधित सुझाव देना था।

14. कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग या सैडलर आयोग-यह आयोग 1917 में बना था इसके अध्यक्ष माइकल सैडलर थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड चेम्सफोर्ड थे, सैडलर आयोग का उद्देश्य कोलकाता विश्वविद्यालय में दोषों की जांच करना था।

15. भारतीय छंटनी समिति-इस समिति का गठन 1923 में किया गया था, इसके अध्यक्ष लार्ड इंचकैप थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड रीडिंग थे, इसका उद्देश्य शिक्षा संबंधी विचार था।

16. ली आयोग- इसका गठन 1924 में किया गया था, इसके अध्यक्ष ली थे,इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड रीडिंग थे, इस आयोग का उद्देश्य लोक सेवा आयोग के गठन की अनुशंसा करना था, इस आयोग की अनुशंसा पर 1926 में लोक सेवा आयोग का गठन किया गया।

17.सेण्डहर्स्ट समिति- सेण्डहर्स्ट समिति का गठन 1925 में किया गया इसके अध्यक्ष एण्ड्रू स्कीन थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड रीडिंग थे, इसका उद्देश्य भारतीय सेना के भारतीयकरण पर विचार करना था।

18. बटलर समिति-बटलर समिति का गठन 1927 में किया गया था, इसके अध्यक्ष हरकोर्ट बटलर थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन थे, इसका उद्देश्य देसी राज्यों व अंग्रेजी सरकार के संबंधों पर विचार करना था,

19. साइमन आयोग-साइमन आयोग का गठन 1927 में किया गया था, इसके अध्यक्ष जॉन साइमन थे,इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन थे, इसका उद्देश्य 1919 के अधिनियम की समीक्षा करना था।

20. लिनलिथगो आयोग-इसका गठन 1928 में किया गया था, इसके अध्यक्ष लिनलिथगो थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन थे, लिनलिथगो आयोग का उद्देश्य कृषि संबंधी समस्याओं पर विचार करना है।

21.व्हीटले आयोग- व्हीटले आयोग का गठन 1928 में किया गया था, इसके अध्यक्ष जे एच व्हीटले थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन थे, व्हीटले आयोग का उद्देश्य श्रमिकों की स्थिति पर विचार करना था।

22. लिण्डसे आयोग- इसका गठन 1929 में किया गया था,इसके अध्यक्ष लिण्डसे थे, इसकी स्थापना के समय भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन थे, इसका उद्देश्य भारत में मिशनरी शिक्षा के विकास से था।

23. भारतीय वैधानिक आयोग- इसका गठन 1929 में किया गया था, इस आयोग के अध्यक्ष फिलिप हर्टोंग थे,इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन थे इसका उद्देश्य भारत में शिक्षा की स्थिति की समीक्षा करना था।

24. सप्रू समिति- इसका गठन 1934 में किया गया, इसके अध्यक्ष तेज बहादुर सप्रू थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड विलिंगटन थे, इसका उद्देश्य भारत में बेरोजगारी की समस्या की समीक्षा करना था।

25. भारतीय परिसीमन समिति- इसका गठन 1935 में किया गया था, इसके अध्यक्ष लौरी हेमण्ड थे,इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड विलिंगटन थे, इसका सम्बन्ध निर्वाचन क्षेत्रों की अवस्था से था।

26. राष्ट्रीय योजना समिति-राष्ट्रीय योजना समिति का गठन 1938 में किया गया था, इसके अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो थे, इसका उद्देश्य आर्थिक योजना से था।

27. क्रिप्स आयोग-क्रिप्स आयोग 1942 में गठित किया गया था, इसके अध्यक्ष सर स्टैफोर्ड क्रिप्स थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो थे, क्रिप्स आयोग का उद्देश्य भारत के राजनीतिक गतिरोध को दूर करना था।

28. कैबिनेट आयोग-कैबिनेट आयोग का गठन 1946 में किया गया था, इसके अध्यक्ष सर पैथिक लोरेंस थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड वेवल थे,इसका उद्देश्य भारतीयों को सत्ता हस्तांतरित करने पर विचार करना था।

29. दुर्भिक्ष जांच आयोग -इसका गठन 1943 में किया गया था, इस समय इसके अध्यक्ष सर चार्ल्स वुड थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड वेवल थे, इसका उद्देश्य बंगाल के अकाल के कारणों पर विचार करना था।

30. सार्जेंट आयोग-सार्जेंट आयोग का गठन 1944 में किया गया था, इसके अध्यक्ष जॉन सार्जेंट थे, इस समय भारत के वायसराय लॉर्ड वेवल थे, इसका संबंध शिक्षा के विकास से था।

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