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हिंदी भाषा के मानकीकरण से क्या अभिप्राय है?

मानक भाषा ( Standard Language ) किसे कहते हैं? मानक भाषा से तात्पर्य ऐसी भाषा से है जो आदर्श श्रेष्ठ तथा परिनिष्ठित हो, भाषा का वह रूप जो अन्य भाषा सीखने वाले लोगों के लिए प्रयोग में लाया जाता है तथा जिसका पत्राचार, शिक्षा, सरकारी कामकाज एवं सामाजिक सांस्कृतिक आदान-प्रदान में समान स्तर पर प्रयोग होता है, ऐसी भाषा को ही मानक भाषा कहते हैं। बोली मानक भाषा कैसे बनती है? भाषा के मानकीकरण में भाषा का विकास तीन सोपानों में होता है - पहले यह बोली बनती है फिर भाषा बनती है और उसके बाद जन्म होता है मानक भाषा का प्रथम सोपान : बोली- प्रारंभिक स्तर पर भाषा का मूल रूप जो एक सीमित क्षेत्र में आपसी बोलचाल की भाषा के रूप में प्रयुक्त होता है उसे बोली कहा जाता है। इसका शब्द भंडार सीमित होता है तथा इसका कोई नियमित व्याकरण नहीं होता। द्वितीय सोपान : भाषा जब बोली कुछ विशेष भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक व प्रशासनिक कारणों से अपना क्षेत्र का विस्तार कर लेती है तथा उसका लिखित रूप विकसित होने लगता है जिसके कारण उसके व्याकरणिक सांचे में डलने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है तथा उसका प्रयोग पत्राचार, शिक...

गुलाम वंश से संबंधित प्रश्न

  गुलाम वंश ( gulam vans )- यह कहानी है इतिहास के उस वंश की जिस से शुरू होता है भारत में सल्तनत काल, सल्तनत काल का भारत के इतिहास में विशिष्ट स्थान है, आइए जानते हैं कैसे शुरू हुआ गुलाम वंश, कौन थे गुलाम वंश के शासक? गुलाम वंश के शासकों का मोहम्मद गौरी से क्या संबंध था? गुलाम वंश का प्रथम सुल्तान कौन था? ♠ गुलाम वंश की स्थापना 1206 में कुतुबुद्दीन ऐबक ने की थी, जो मोहम्मद गौरी ( यह वही मोहम्मद गौरी है जिससे तराइन के दूसरे युद्ध 1192 में पृथ्वीराज चौहान पराजित हो गए थे ) का गुलाम था। ♥ गुलामों को फारसी भाषा में बंदगा कहा जाता है तथा इन्हें सैनिक सेवा के लिए खरीदा जाता था। ♠ कुतुबुद्दीन ऐबक का राज्य अभिषेक 24 जून 1206 ईस्वी को हुआ था। ♥ कुतुबुद्दीन ऐबक ने अपनी राजधानी लाहौर बनाई थी। ♠ कुतुब मीनार की नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने ही डाली थी तथा इसके साथ ही उसने दिल्ली में स्थित कुवत- उल - इस्लाम - मस्जिद एवं अजमेर में स्थित डाई दिन का झोपड़ा ( कहीं-कहीं पर इसे अढ़ाई दिन का झोपड़ा भी कहा जाता है ) नामक मस्जिद का निर्माण भी करवाया था। ♥ कुतुबुद्दीन ऐबक को लाख बख्श ( लाखों का दान देने वाला) भ...

लॉर्ड कार्नवालिस कौन था?

  लॉर्ड कार्नवालिस- • लॉर्ड कार्नवालिस भारत के गवर्नर जनरल थे, लार्ड कार्नवालिस का कार्यकाल-  ♦ लॉर्ड कार्नवालिस का शासन काल 1786 से 1793 तक था। ♦ लॉर्ड कार्नवालिस 30 जुलाई 1805 में पुनः गवर्नर जनरल नियुक्त किए गए थे तथा 5 अक्टूबर 1805 मृत्यु तक इस पद पर रहे। इन्हें गाजीपुर में दफनाया गया है। ♦ लॉर्ड कार्नवालिस के समय में ही जिले के समस्त अधिकार कलेक्टर के हाथों में दे दिए गए। ♦ लॉर्ड कार्नवालिस ने उन फौजदारी अदालतों को समाप्त कर दिया जिनमें भारतीय न्यायाधीश नियुक्त होते थे और उसके स्थान पर चार भ्रमण करने वाली अदालतें बनाई जिनमें से तीन बंगाल के लिए और एक बिहार के लिए नियुक्त की गई थी। ♦ 1793 में लॉर्ड कार्नवालिस ने प्रसिद्ध कान वाले स्कूल का निर्माण किया कार्नवालिस कोड शक्तियों के पृथक्करण सिद्धांत पर आधारित था। ♦ लॉर्ड कार्नवालिस ने पुलिस कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस अधिकार प्राप्त जमीदारों को इस अधिकार से वंचित कर दिया। ♦ लॉर्ड कार्नवालिस ने कंपनी के कर्मचारियों के व्यक्तिगत व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया। ♦ लॉर्ड कार्नवालिस ने जिलों में प...

उत्तराखंड में कार्तिकेयपुर राजाओं के प्रमुख पदाधिकारी

  कार्तिकेयपुर राजवंश के प्रमुख पदाधिकारी- कार्तिकेयपुर राजवंश में पल्लिका - छोटे गांवों को कहा जाता था। कार्तिकेयपुर राजवंश में महत्तम - ग्राम शासक को कहा जाता था। कार्तिकेयपुर राजवंश में भृत्य - सेवक को कहा जाता था। कार्तिकेयपुर राजवंश में प्रतिहार - द्वार रक्षक को कहा जाता था। कार्तिकेयपुर राजवंश में कोट्टपाल - गढ़ रक्षक को कहा जाता था । कार्तिकेयपुर राजवंश में बलाध्यक्ष - सेनानायक को कहा जाता था। कार्तिकेयपुर राजवंश में महादंडनायक - प्रमुख सेनापति को कहा जाता था। कार्तिकेयपुर राजवंश में अक्षपटलिक - लेखा परीक्षक को कहा जाता था। कार्तिकेयपुर राजवंश में कुलचारिक - तहसीलदार को कहा जाता था।

अन्नपूर्णा योजना कब प्रारम्भ हुई थी?

 अन्नपूर्णा योजना- अन्नपूर्णा योजना कब प्रारम्भ हुई थी? अन्नपूर्णा योजना 2 अक्टूबर 2000 को प्रारंभ हुई थी। अन्नपूर्णा योजना कहां से प्रारंभ हुई थी? अन्नपूर्णा योजना उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के सिखोड़ा ग्राम से शुरू हुई थी। अन्नपूर्णा योजना का क्या उद्देश्य है? अन्नपूर्णा योजना का उद्देश्य देश के अत्यंत निर्धन वृद्धों के लिए रोटी की व्यवस्था करना है। अन्नपूर्णा योजना की शुरुआत किस मंत्रालय के अन्तर्गत की गयी थी? अन्नपूर्णा योजना की शुरुआत ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी।

दीर्घ संधि किसे कहते हैं व दीर्घ संधि के 50 उदाहरण

  दीर्घ संधि- दीर्घ संधि स्वर संधि का एक भाग है, दीर्घ संधि में यदि 'अ' , ' इ' , 'उ'  के पश्चात 'अ', 'आ', 'इ','ई','उ','ऊ, स्वर आए तो दोनों को मिलाकर दीर्घ 'आ', 'ई', 'ऊ' हो जाता है। दीर्घ संधि का सूत्र - अक: सवर्णे दीर्घ:  दीर्घ संधि के उदाहरण- दीर्घ संधि में ( अ+अ= आ ) के उदाहरण- धर्म +  अर्थ = धर्मार्थ स्व  +   अर्थी = स्वार्थी देव  +  अर्चन = देवार्चन वीर + अंगना = वीरांगना मत + अनुसार = मतानुसार दीर्घ संधि में ( अ+आ= आ) के उदाहरण- देव + आलय = देवालय नव + आगत = नवागत सत्य + आग्रह = सत्याग्रह देव + आगमन = देवागमन सल्तनत काल के महत्वपूर्ण MCQ's भाग- 1 सल्तनत काल के महत्वपूर्ण MCQ's भाग-2 दीर्घ संधि में ( आ+अ= आ ) के उदाहरण - परीक्षा+ अर्थी = परीक्षार्थी सीमा+ अंत = सीमांत दिशा+ अंतर = दिशांतर रेखा + अंश = रेखांश दीर्घ संधि में ( आ+आ=आ) के उदाहरण- महा + आत्मा = महात्मा विद्या + आलय = विद्यालय वार्ता + आलाप = वार्तालाप महा + आनंद = महानंद दीर्घ संधि में ( इ + इ= ई )  के उदाहरण- अति+ इ...

General knowledge in hindi for competitive exams

 General knowledge in hindi 1. General knowledge in hindi - Jain dharam aur mahaveer swami 2. General knowledge in hindi - Akbar and important questions 3. General knowledge in hindi - pal vans aur mantwapurna prasan 4. General knowledge in hindi - Bharat me suti vastra udhayog 5. General knowledge in hindi - Bharat me loh udhayog 6. General knowledge in hindi - Bharat k pramuk petroleum utpadak chetra 7. General knowledge in hindi- Bharat ki bhudesiya Nadi gati pariyojnaye 8. General knowledge in hindi- samvidhan ki udhesika 9. General knowledge in hindi- viswas prastav 10. General knowledge in hindi- gyaanpeeth puruskar praptkrta 11. General knowledge in hindi-parmukh britiskalin aayog 12. General knowledge in hindi-prakash Ka pravartan 13. General knowledge in hindi- bhartiya rajyo k parmukh Lok niritya 14. General knowledge in hindi- vishwa k parmukh pathaar 15. General knowledge in hindi- Oscar award 2020 16. General knowledge in hindi- Prakash Ka apvartan 17. General knowledg...

Important questions for Uttarakand group c VDO , VPDO and Uttarakand PCS

 Important Question Of Uttarakhand GK 1. हिलांस किस व्यक्ति का प्रसिद्ध काव्य संग्रह है- हिलांस भगवती चरण निर्मोही जी का काव्य संग्रह है। 2. डॉक्टर शिव प्रसाद सिंह डबराल चारण का जन्म किस गांव में हुआ था- डॉ शिव प्रसाद सिंह डबराल चरण का जन्म पौड़ी गढ़वाल के गहली गांव में हुआ था। 3. सुमित्रानंदन पंत जी को कब पद्म भूषण से सम्मानित किया गया- सुमित्रानंदन पंत जी को 1961 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 4. उत्तराखंड के किस ज्योतिष विद्वान को भारतीय ज्योतिष अनुसंधान संस्थान ने अभिनव बाराहमिहिर की उपाधि से अलंकृत किया था- अभिनव बारहमिहिर की उपाधि मुकुंद राम बड़थ्वाल को भारतीय ज्योतिष अनुसंधान संस्थान ने प्रदान की। 5. उत्तराखंड के किस जिले में सहसपुर विधानसभा क्षेत्र है- देहरादून में, 6. कॉमन पीकॉक को उत्तराखंड की राज्य तितली कब घोषित किया गया था- 2016 में, 7. उत्तराखंड के प्रथम महाधिवक्ता - मेहरबान सिंह नेगी, 8. उत्तराखंड के प्रथम मुख्य सचिव थे - अजय विक्रम सिंह, 9. उत्तराखंड पर शासन करने वाली प्रथम राजनीतिक शक्ति कौन सी थी- उत्तराखंड पर शासन करने वाली प्रथम राजनीतिक शक...

उत्तराखंड सामान्य ज्ञान: उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल

  उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक इतिहास उत्तराखंड में विभिन्न स्थलों से पाषाण उपकरण, गुफा, शैल चित्र, कंकाल, मृदभांड तथा धातु उपकरण मिले हैं, इससे उत्तराखंड में प्रागैतिहासिक काल में मानव निवास की पुष्टि होती है। उत्तराखंड के कुछ प्रमुख प्रागैतिहासिक साक्ष्य लाखु गुफा- लाखु गुफा उत्तराखंड का प्रमुख प्रागैतिहासिक स्थल है, इसकी खोज 1963 में की गई थी, यह अल्मोड़ा में बाड़ेछीना के पास दल बैंड पर स्थित है।यहां से मानव तथा पशुओं के चित्र प्राप्त हुए हैं, जिन्हें अकेले या समूह में नृत्य करते हुए दिखाया गया है, लाखु गुफा में विभिन्न पशु पक्षियों का चित्रण किया गया है जिन के चित्रों को रंगों से सजाया भी गया है। ग्वारख्या गुफा- गवारख्या गुफा चमोली जिले में अलकनंदा नदी के किनारे डूंगरी गांव के पास स्थित है, ग्वारख्या उडयार या गुफा से मानव , भेड़, बारहसिंगा, लोमड़ी आदि के रंगीन चित्र मिले हैं, यहां मिले चित्र लाखु गुफा से मिले चित्रों से अधिक चटकदार हैं। किमनी गांव गुफा- किमनी गांव गुफा चमोली में थराली के पास स्थित है, किमनी गांव गुफा के शैल चित्र हल्के सफेद रंग के हैं, यहां पर हथियार एवं पशुओं के...

उत्तराखंड सामान्य ज्ञान भाग -2

उत्तराखंड सामान्य ज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तराखंड के प्रमुख उत्सव- रम्माण उत्सव - रम्माण उत्सव वैशाख महीने में, चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक के सलूड, डूंग्रा व सेलंग आदि गांव में आयोजित किया जाता है। रम्माण उत्सव के दौरान पत्तर ( पात्र ) तथा केमू ( शहतूत ) लकड़ी के बने कलात्मक मुखोटे लगाकर, रामलीला के मुख्य प्रसंगों का लोक नृत्य शैली में प्रस्तुतीकरण किया जाता है, इसके अलावा रम्माण उत्सव में वार्षिक पूजा अनुष्ठान, देवयात्रा,स्वांग आदि का भी आयोजन किया जाता है। यूनेस्को द्वारा रम्माण उत्सव को विश्व की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर 2 अक्टूबर 2009 को घोषित किया गया। गढ़वाली पुरुषों के परिधान- गढ़वाली पुरुषों के द्वारा निम्न परिधान पहने जाते हैं- 1. धोती 2. चूड़ीदार पायजामा 3. कुर्ता 4. सफेद टोपी 5. पगड़ी 6.मिरजई 7. बास्कट ( मोरी ) 8. गुलबंद कंडाली उत्सव पिथौरागढ़ -  पिथौरागढ़ में जनजातियों के द्वारा मनाया जाने वाला प्रसिद्ध उत्सव कंडाली उत्सव है, इसका आयोजन प्रत्येक 12वें वर्ष किया जाता है। गौचर मेला- चमोली जिले के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक केंद्र गौचर में लगने वाला यह औद्योगिक...