Skip to main content

Current affairs today in hindi: क्या है MILAN-2T?

 Current affairs today in hindi

क्या है  MILAN-2T?

MILAN-2T एक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल है, जिसका निर्माण भारत सरकार का BDL ( भारत डायनॉमिक्स लिमिटेड) के द्वारा किया जा रहा है, जोकि भारत सरकार की डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग कंपनी है।

MILAN-2T की मारक क्षमता रेंज कितनी है?

MILAN-2T की मारक क्षमता रेंज 1850 मीटर है।
इसे वैहिकल तथा राकेट लॉन्चर द्वारा लांच किया जा सकता है।

* MILAN-2T का निर्माण फ्रांस की रक्षा फर्म से लाइसेंस लेकर BDL के द्वारा किया जा रहा है।

* 4960 , MILAN-2T भारतीय सेना को दी जाएंगी, इनके निर्माण में 1188 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

* MILAN-2T का भारत में उत्पादन भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना Make In India का एक भाग है।

Current affairs today in hindi, March 2021 Current affairs



एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल क्या होती है?


एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल मिसाइल होती है जिनका प्रयोग टैंक को नष्ट करने में क्या जाता है, इसके साथ ही इन टैंकों का उपयोग बंकर तथा अन्य सैन्य वाहनों को नष्ट करने में भी किया जा सकता है।

परिवहन की दृष्टि से एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल दो प्रकार की होती है-

1) मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल-
इन एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का प्रयोग एक सैनिक के द्वारा रॉकेट लांचर से किया जा सकता है।

2) ट्राइपॉड लॉन्च्ड एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल- 
इस प्रकार की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल को लॉन्च करने के लिए एक से अधिक सैनिकों का प्रयोग किया जाता है तथा यह एक विशेष उपकरण के द्वारा लांच की जाती है।

एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल के बारे में अन्य महत्वपूर्ण बातें-

* एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल को सर्वप्रथम जर्मनी के द्वारा बनाया गया था, जिसे X7 नाम दिया गया था परंतु इसका उत्पादन नहीं हो पाया इसलिए फ्रांस द्वारा निर्मित SS5 को दुनिया की पहली एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल माना जाता है।

* दक्षता के आधार पर एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल को तीन भागों में बांटा जाता है-

फर्स्ट जनरेशन गाइडेड मिसाइल- इस प्रकार की गाइडेड मिसाइल में मिसाइल के पीछे एक तार लगा होता था जिसे एक ट्रेंड सैनिक जॉय स्टिक की माध्यम से कंट्रोल करता था। इस प्रकार सैनिक मिसाइल को कंट्रोल करते समय खुली जगह पर आ जाता था जिससे उसकी जान को खतरा होता था।

सेकंड जनरेशन गाइडेड मिसाइल- इस प्रकार के मिसाइल सेमी ऑटोमेटिक हुआ करती थी जिन पर लेजर टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाता था, इस जनरेशन की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल में भी तार का प्रयोग होता था परंतु मिसाइल कंट्रोल करने वाला सैनिक सुरक्षित जगह पर रह सकता था परंतु फिर भी उसे मिसाइल को गाइड करने के लिए एक निश्चित स्थान पर ही रहना पड़ता था।

थर्ड जनरेशन गाइडेड मिसाइल-
इस प्रकार की मिसाइल में मिसाइल के अग्रभाग में रडार लगा होता है जो अपने निशाने को ढूंढ कर उसे नष्ट कर देता है, थर्ड जनरेशन की मिसाइल प्रणाली दागो और भूल जाओ ( Fire and forget ) प्रणाली कहलाती है,

भारत की नाग मिसाइल इसी प्रकार की एक मिसाइल है।






आप Fynclick पढ़ रहे हैं, अगर आपको हमारी यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें, आपना किमती समय देने के लिए Fynclick आपका शुक्रिया अदा करता है।




Comments

Popular posts from this blog

अर्थशास्त्र की परिभाषा लिखिए?

  अर्थशास्त्र की परिभाषा - “ मानव की आर्थिक गतिविधियों का अध्ययन अर्थशास्त्र कहलाता है " यह अर्थशास्त्र की सबसे सरल परिभाषा है परन्तु जैसा की आप सभी पाठक जानते हैं www.fynclick.blogspot.com आप को सबसे सरल व पूर्ण व्याख्या प्रस्तुत करता है तो इसी कड़ी में हम आगे जानेंगे कि ये " आर्थिक गतिविधियों " से सामान्यतः क्या अर्थ निकाला जाता है। अर्थशास्त्र में आर्थिक गतिविधियों से क्या तात्पर्य है? अर्थशास्त्र में  मानव की वे सभी गतिविधियां जिनमें मुद्रा शामिल होती है आर्थिक गतिविधियां कहलाती है और मुद्रा शामिल करने का मुख्य कारण लाभ कमाना होता है। आर्थिक गतिविधियों के उदाहरण - नौकरी देना, नौकरी पाना, किसी चीज का क्रय-विक्रय, किसी भी प्रकार का व्यवसाय आदि सभी आर्थिक गतिविधियों हैं। P.A Samuelson and W.D Nordhuas के अनुसार अर्थशास्त्र की क्या परिभाषा है?  P.A Samuelson and W.D Nordhuas के अनुसार अर्थशास्त्र की परिभाषा “ अर्थशास्त्र समाज द्वारा दुर्लभ संसाधनों के उपयोग से मूल्यवान उत्पादों के उत्पादन और उनके वितरण का अध्ययन करता है”  J.E Stiglitz and C.E Walsh के अनुसार अर्थशा...

भारत के प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र

प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र- भारत में पेट्रोलियम जो कि आधुनिक भारत की मूलभूत आवश्यकता है पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है, जिसका भारी मात्रा में विदेशों से आयात किया जाता है इसके बावजूद भारत में कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां पर पेट्रोलियम खनिज पाया जाता है इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे उन्हीं विशेष पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्रों की- असम - असम भारत का एक प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक राज्य है जिसमें पेट्रोलियम खनिज के उत्पादन के लिए दो क्षेत्र महत्वपूर्ण है, उनमें से पहला है डिग्बोई तथा दूसरा है सूरमा घाटी प्रश्न- सूरमा घाटी नामक पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र किस राज्य के अंतर्गत आता है? उत्तर- सूरमा घाटी नामक पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र असाम राज्य के अंतर्गत आता है। गुजरात - गुजरात भी पेट्रोलियम उत्पादक राज्य है यहां पर खंभात तथा अंकलेश्वर नामक दो पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र स्थित हैं। महाराष्ट्र - महाराष्ट्र भी भारत का एक प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है यहां पर बॉम्बे हाई नामक जगह से पेट्रोलियम का उत्पादन किया जाता है। भारत में पेट्रोलियम उत्पादन से संबंधित कुछ विशेष बिंदु- * गुजरात के...

General knowledge in Hindi - चैत्य व विहार में क्या अंतर होता है?

General knowledge में आज बात करते हैं चैत्य व विहार में अंतर की चैत्य तथा विहार दोनों का संबंध बौद्ध धर्म से है, भारत की कला तथा संस्कृति में चैत्यों तथा विहारों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है , विहार बौद्ध धर्म में वे गुफाएं या कंदराएं हुआ करती थी जिनका निर्माण बौद्ध भिक्षु अपने विश्राम या रहने के लिए करते थे जबकि चैत्य का प्रयोग बौद्ध भिक्षु प्रार्थना करने के लिए करते थे। उदाहरण के लिए - अजंता की गुफाएं महाराष्ट्र में स्थित हैं जिसमें कुल 29 गुफाएं स्थित हैं व इन 29 गुफाओं में से 25 विहार व 4 चैत्य हैं।

भारत के राजद्रोह कानून की वर्तमान समय में प्रासंगिकता

 Current Affairs Today- भारत में राजद्रोह कानून  राजद्रोह कानून या Sedition Law क्या होता है?  इस आर्टिकल में हम पढ़ेंगे राजद्रोह कानून क्या है? भारत में राजद्रोह कानून की आवश्यकता ? व राजद्रोह कानून की क्या सीमाएं हैं? राजद्रोह कानून भारत की संसद द्वारा पारित एक अलग अधिनियम नहीं है बल्कि यह भारतीय दंड संहिता का एक भाग है जिसका उल्लेख भारतीय दंड संहिता की धारा 124A में किया गया है, यह 152 साल पुराना औपनिवेशिक कानून है जिसे 1870 में अंग्रेजो के द्वारा बनाया गया था। IPC के Section 124A के अनुसार राजद्रोह की परिभाषा यदि कोई व्यक्ति, बोले या लिखे गए शब्दों या संकेतों के द्वारा या दृश्य प्रस्तुति द्वारा, भारत में विधि द्वारा स्थापित सरकार के प्रति घृणा या अवमानना या असंतोष उत्पन्न करेगा तो उसे राजद्रोह के लिए आरोपी बनाया जा सकता है। ऊपर लिखे गए असंतोष शब्द में निष्ठा हीनता तथा शत्रुता की सभी भावनाओं को शामिल किया गया है। राजद्रोह भारत में एक गैर जमानती अपराध है जिसमें 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा जुर्माने के साथ या जुर्माने की बिना हो सकती है। आरोपित व्यक्ति को सरकार...

भारत की प्रमुख ब्रिटिश कालीन आयोग व समितियां

ब्रिटिशकालीन आयोग व समितियां- ब्रिटिश काल में बने प्रमुख आयोग समितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी इस आर्टिकल में प्रदान की गई है, इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे ब्रिटिश काल में बने 30 प्रमुख आयोग व समितियों के बारे में तो चलिए शुरू करते हैं- 1. इनाम आयोग- इनाम आयोग की स्थापना 1852 में की गई थी, इसके अध्यक्ष इनाम थे, उस समय भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी थे। इनाम आयोग का उद्देश्य भूमि संबंधी विवेचना था। 2. दुर्भिक्ष आयोग(I)-दुर्भिक्ष आयोग की स्थापना 1880 में की गई थी दुर्भिक्ष आयोग के अध्यक्ष रिचर्ड स्ट्रेची थे, इस समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड लिटन थे, दुर्भिक्ष आयोग का उद्देश्य अकाल निवारण पर विचार करना था, 3.हण्टर आयोग- हंटर आयोग की स्थापना 1882 में की गई थी, इसके अध्यक्ष विलियम हंटर थे, हंटर आयोग की स्थापना के समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड रिपन थे, इस आयोग का उद्देश्य शिक्षा का विकास था। 4. एचिंसन आयोग-एचिसंन आयोग का गठन 1886 मैं किया गया था, इसके अध्यक्ष चार्ल्स एचिसंन थे,जिसमें एचिसंन आयोग बना उस समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड डफरिन थे,एचिंसन आयोग का उद्देश्य नागरिक सेवा में भारतीयों की...

दीर्घ संधि किसे कहते हैं व दीर्घ संधि के 50 उदाहरण

  दीर्घ संधि- दीर्घ संधि स्वर संधि का एक भाग है, दीर्घ संधि में यदि 'अ' , ' इ' , 'उ'  के पश्चात 'अ', 'आ', 'इ','ई','उ','ऊ, स्वर आए तो दोनों को मिलाकर दीर्घ 'आ', 'ई', 'ऊ' हो जाता है। दीर्घ संधि का सूत्र - अक: सवर्णे दीर्घ:  दीर्घ संधि के उदाहरण- दीर्घ संधि में ( अ+अ= आ ) के उदाहरण- धर्म +  अर्थ = धर्मार्थ स्व  +   अर्थी = स्वार्थी देव  +  अर्चन = देवार्चन वीर + अंगना = वीरांगना मत + अनुसार = मतानुसार दीर्घ संधि में ( अ+आ= आ) के उदाहरण- देव + आलय = देवालय नव + आगत = नवागत सत्य + आग्रह = सत्याग्रह देव + आगमन = देवागमन सल्तनत काल के महत्वपूर्ण MCQ's भाग- 1 सल्तनत काल के महत्वपूर्ण MCQ's भाग-2 दीर्घ संधि में ( आ+अ= आ ) के उदाहरण - परीक्षा+ अर्थी = परीक्षार्थी सीमा+ अंत = सीमांत दिशा+ अंतर = दिशांतर रेखा + अंश = रेखांश दीर्घ संधि में ( आ+आ=आ) के उदाहरण- महा + आत्मा = महात्मा विद्या + आलय = विद्यालय वार्ता + आलाप = वार्तालाप महा + आनंद = महानंद दीर्घ संधि में ( इ + इ= ई )  के उदाहरण- अति+ इ...

General Hindi- शेखर जोशी का जीवन परिचय

  शेखर जोशी का जीवन परिचय व प्रमुख रचनाएं  * शेखर जोशी जी का जन्म 10 सितम्बर 1932 को अल्मोड़ा के औलिया गांव में हुआ था। * शेखर जोशी की रचनाओं में पहाड़ के जीवन  का समावेश मिलता है। * शेखर जोशी की प्रख्यात कहानी “ दाज्यू ” पर बाल फिल्म सोसाइटी द्वारा फिल्म का निर्माण किया गया है। * शेखर जोशी की “ कोसी का घटवार ” नामक कहानी “ कल्पना ” नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई थी। इसी कहानी से शेखर जोशी को पहचान मिली। *  शेखर जोशी को उत्तर प्रदेश संस्थान द्वारा महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार से 1987 में सम्मानित किया गया। * शेखर जोशी को साहित्य भूषण सम्मान 1995 में मिला। * शेखर जोशी को पहल सम्मान 1997 में मिला । * शेखर जोशी का कार्यक्षेत्र कहानीकार तथा साहित्यकार था । शेखर जोशी के प्रमुख उपन्यास - 1) अथ मूषक उवाच - शेखर जोशी का उपन्यास है। 2) चींटी के पर - शेखर जोशी का उपन्यास है। 3) मेरा पहाड़ - शेखर जोशी का उपन्यास है। 4) साथ के लोग- शेखर जोशी का उपन्यास है। शेखर जोशी का शब्द चित्र संग्रह- एक पेड़ की याद - शेखर जोशी का शब्द चित्र संग्रह है। शेखर जोशी के कहानी संग्रह- 1...