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वित्तीय आपात क्या होता है? || Vittiya aapat kya hai?

Vittiya aapat kya hota hai?, वित्तीय आपात क्या होता है?

वित्तीय आपात का वर्णन भारत के संविधान में अनुच्छेद 360 तथा भाग 18 में किया गया है, वित्तीय आपात को भारत के राष्ट्रपति के द्वारा भारत के किसी " ऐसे क्षेत्र में जहां पर उनको लगे कि वहां की वित्तीय स्थिति या साख यानी क्रेडिट को खतरा है, में लगाया जा सकता है।

Kya vittiya aapat per rashtrapati ke nirnay ko Kisi nyayalay mein chunauti Diya sakti hai?

नहीं, 38 वें संविधान संशोधन कानून 1975 के अनुसार राष्ट्रपति के वित्तीय आपात पर दिए गए निर्णय को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।

Kya Vidya path per rashtrapati ke nirnay ki nyayik samiksha sambhav hai?

हां,44 वें संविधान संशोधन विधेयक 1978 के अनुसार राष्ट्रपति के वित्तीय आपात पर लिए गए निर्णय की न्यायिक समीक्षा संभव है।

Bharat mein vittiya aapat ke nirnay ko sansad mein main kitne mahine ke andar swikriti milana anivarya hota hai?

भारत में राष्ट्रपति द्वारा दिए गए वित्तीय आपात के निर्णय को भारत की संसद में 2 महीने के अंदर स्वीकृति मिलना अनिवार्य होता है।

*वित्तीय आपातकाल को संसद के किसी भी सदन में " सामान्य बहुमत " से पारित किया जा सकता है।
*एक बार मंजूरी मिलने के बाद वित्तीय आपातकाल अनिश्चित काल के लिए प्रभावी रहता है जब तक कि राष्ट्रपति के द्वारा इसे अनुवर्ती घोषणा कर वापस नहीं  लिया जाता,वित्तीय आपात को वापस लेने के लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती है।


 Vittiya aapat ke prabhav-


*वित्तीय आपात लागू होने पर राज्य के सभी वित्तीय मामलों में केंद्र सरकार का नियंत्रण हो जाता है,
* इस परिस्थिति में, राज्य विधायिका द्वारा पारित करके राष्ट्रपति के विचार हेतु लाए गए सभी धन विधेयकों या अन्य वित्तीय विधेयकों को आरक्षित रखा जा सकता है.
* वित्तीय आपातकाल के लागू होने के बाद राज्य सरकार के किसी कर्मचारी या कर्मचारियों, केंद्र सरकार के किसी कर्मचारी या कर्मचारियों, तथा देश के किसी भी न्यायालय के न्यायाधीशों आदि के वेतन में कटौती की जा सकती है।


Vittiya aapat se sambandhit kuchh pramukh baten-


संविधान सभा के सदस्य H.N कुंझरू ने भारत के वित्तीय आपात को राज्यों की वित्तीय संप्रभुता ( बिना किसी बाह्य प्रभाव के निर्णय लेने की क्षमता ) के लिए खतरा बताया है।


* भारतीय संविधान के निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर ने भारत के वित्तीय आपात की तुलना अमेरिका के " राष्ट्रीय रिकवरी कानून " से की है।


* भारत में वित्तीय आपातकाल कहां से लिया गया है?


भारत में वित्तीय आपातकाल अमेरिका से लिया गया है, जबकि अन्य आपातकालों ( अनुच्छेद 352, अनुच्छेद 356 ) को जर्मनी के संविधान से लिया गया है।


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