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गुण संधि व इसके उदाहरण

  गुण संधि- गुण संधि , स्वर संधि का एक प्रकार है। गुण संधि की परिभाषा- गुण संधि की परिभाषा अनुसार, यदि ‘अ' और ‘आ’ के बाद ‘इ’ या ‘ई’ , ‘उ’ या ‘ऊ’ और ‘ऋ’ स्वर आए तो दोनों के मिलने से क्रमश: ‘ए', ‘ओ' और ‘अर्' हो जाते हैं, जैसे- गुण संधि के 50 उदाहरण- गुण संधि के 50 उदाहरण निम्नलिखित हैं, यह सभी उदाहरण उन सभी प्रकार की परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है जिनमें हिंदी पूछे जाती है। गुण संधि का (अ+इ=ए) नियम- नर+इंद्र = नरेंद्र सुर+इंद्र = सुरेंद्र पुष्प+इंद्र = पुष्पेंद्र सत्यम+इंद्र = सत्येंद्र  गुण संधि का (अ+ई=ए) नियम- नर+ईश= नरेश परम+ईश्वर = परमेश्वर सोम+ईश= सोमेश कमल+ईश= कमलेश गुण संधि का (आ+इ=ए) नियम- रमा+इंद्र= रमेंन्द्र महा+इंद्र=महेंद्र यथा+इष्ट= यथेष्ट राजा+इंद्र=राजेंद्र गुण संधि का (आ+ई=ए) नियम- महा+ईश=महेश उमा+ईश=उमेश राका+ईश=राकेश रमा+ईश=रमेश गुण संधि का (अ+उ=ओ) नियम- वीर+उचित= वीरोचित मानव+उचित=मानवोचित पर+उपकार= परोपकार हित+उपदेश=हितोपदेश गुण संधि का (अ+ऊ=ओ) नियम- सूर्य+ऊर्जा=सूर्योर्जा नव+ऊढा=नंवोढा जल+ऊर्मि=जलोर्मि समुद्र+ऊर्मि=समुद्रोर्मि गुण संधि का (आ+उ=ओ) न...

रैम (RAM) तथा रोम (ROM) क्या होती हैं तथा ये कितने प्रकार की होती हैं?

  रैम (RAM) तथा रोम (ROM)  क्या होते हैं? रैम (RAM) तथा रोम (ROM) कंप्यूटर { या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक युक्ति ( Device ) में }  में प्रयुक्त होने वाली मेमोरी के प्रकार हैं, इस आर्टिकल में हम रैम तथा रोम के बारे में विस्तार से जानेंगे। मैमोरी (Memory) क्या होती है? मैमोरी का हिंदी में अर्थ होता है याददाश्त, इसका किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में प्रयोग किया जा सकता है, यह उस इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में भौतिक रूप से प्रयोग की जाती है, किसी डिवाइस की मेमोरी उसी डिवाइस के अंदर या उसके बाहर ( इस प्रकार की मेमोरी को क्लाउड मेमोरी के नाम से जाना जाता है) भी हो सकती है। मैमोरी का क्या काम होता है? मेमोरी का प्रयोग डाटा ( Data ), सूचना ( Information) तथा इंस्ट्रक्शन ( Instructions) को संग्रहित करने में किया जाता है। मैमोरी कितने प्रकार ( Types Of Memory ) की होती है? मैमोरी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है- 1) प्राथमिक मैमोरी ( Primary Memory)- यह मैमोरी डिवाइस के अंदर ही उपस्थित रहती है। प्राइमरी मैमोरी के उदाहरण- RAM, ROM, Cache(कैश) Memory 2) द्वितीयक मैमोरी ( Secondary / Auxi...

General Hindi- महत्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द

  पर्यायवाची शब्द क्या होते हैं? वे शब्द जिनके अर्थ एक समान होते हैं पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं। महत्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द- पर्यायवाची शब्द सभी हिंदी भाषी राज्यों की प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं, पर्यायवाची शब्द उन सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं जिनमें हिंदी परीक्षा का एक विषय होता है, इसके अलावा पर्यायवाची शब्द विद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षा में भी पूछे जाते हैं, इस आर्टिकल में हम बात करेंगे NET JRF , UPSC , State PCS , UPPSC , UKPSC, MPPSC, BPSC, RAS, UKSSSC , VDO, VPDO, Forest Guard की परीक्षाओं में पूछे जाने वाले पर्यायवाची शब्दों की- 1) स्वर्ग के पर्यायवाची शब्द हैं- सुरलोक, दिव्यधाम, ब्रह्माधाम, द्यौ 2) सीता शब्द के पर्यायवाची शब्द हैं- वैदेही, भूमिका, जनकतनया, जनकनंदिनी , रामप्रिया 3) सहेली शब्द के पर्यायवाची हैं- आली, सहचरी, सजनी, सरैन्ध्री 4) समीप शब्द के  पर्यायवाची हैं- सन्निकट, आसन्न 5) सेना शब्द के पर्यायवाची हैं- ऊनी, कटक,दल,चमू,अनीक,अनीकिनी 6) साधु के पर्यायवाची शब्द हैं- सज्जन,भद्र, सभ्य, शिष्ट, कुलीन 7) जल के पर्यायवा...

Static GK - समताप मंडल उस की प्रमुख विशेषताएं

Static GK-   समताप मंडल( stratosphere ) की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं? 1) समताप मंडल (Stratosphere) पृथ्वी की सतह से आकाश की ओर जाने में पढ़ने वाला दूसरा मंडल है, इसका विस्तार   18 से 32 किलोमीटर की ऊंचाई तक होता है। 2) समताप मंडल (Stratosphere) की मोटाई धुर्वों पर अधिक होती है, जबकि कभी-कभी विषुवत रेखा पर इसका लोप हो जाता है। 3) समताप मंडल (Stratosphere) में मौसमी घटनाएं नहीं होती है, जैसे आंधी आना, बादलों का गर्जना, बिजली का कड़कना, धूल कण एवं जलवाष्प आदि कुछ नहींं पाया जाता है। 4) समताप मंडल (Stratosphere) में वायुयान उड़ाने की आदर्श दशा पाई जाती है । 5) कभी-कभी समताप मंडल (Stratosphere) में विशेष प्रकार के बादलों का निर्माण होता है जिन्हें मूलाभ मेघ ( Mother of pearl cloud ) कहते  हैं। वायुमंडल में कुल कितनी परतें पाई जाती हैं? वायुमंडल में कुल 5 परतें पाई जाती है- 1) क्षोभमंडल (छोभ मंडल)- Troposphere 2) समताप मंडल (Stratosphere) 3) ओजोन मंडल (Ozonosphere) 4) आयन मंडल (Ionosphere) 5) बाह्य मंडल ( Exosphere )

Static GK in Hindi - ह्यूमन राइट्स वॉच क्या है?

  ह्यूमन राइट्स वॉच क्या है? ह्यूमन राइट्स वॉच अमेरिका स्थित एक गैर लाभकारी संस्था है, इसकी स्थापना 1978 में हेललंस्की वॉच के रूप में की गई थी, इसका मुख्यालय संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित है। ह्यूमन राइट्स वॉच का उद्देश्य- ह्यूमन राइट्स वॉच अमेरिका का सबसे बड़ा मानव अधिकार संगठन है, इसका उद्देश्य दुनिया भर में मानव अधिकारों के हो रहे उल्लंघन की तरफ अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचना है। ह्यूमन राइट्स वॉच एक ऐसा संगठन है जो कमजोर अल्पसंख्यकों, शरणार्थियों, युद्ध से ग्रसित देश के नागरिकों तथा जरूरतमंद बच्चों के मानव अधिकारों की रक्षा करता है। ह्यूमन राइट्स वॉच विश्वभर की सरकारो तथा सैन्य समूह को उनके कानून, नीतियों और कार्य करने की पद्धति को लागू करने या उनमें बदलाव करने का निर्देश भी देता है, ताकि वहां उपस्थित व्यक्तियों के मानव अधिकारों का उल्लंघन न हो व वे लोग एक गरिमामय जीवन जी सकें। हाल ही में क्यों चर्चा में रहा था ह्यूमन राइट्स वॉच? ह्यूमन राइट्स वॉच एक अमेरिकी मानवाधिकार संस्था है, जिसने हाल ही में इजराइल पर आरोप लगाया है कि वह फिलिस्तीन के लोगों के प्रत...

Current affairs 2021 in hindi- सिंधु सभ्यता का धौलावीरा विश्व विरासत स्थल घोषित

  Current affairs- सिंधु सभ्यता कालीन स्थल धौलावीरा यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल सूची में शामिल * धौलावीरा , का संबंध सिंधु सभ्यता से है यह सिंधु सभ्यता का एक महत्वपूर्ण स्थल है, यह गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है। * धौलावीरा का उत्खनन 1990-91 में रविंद्र सिंह बिष्ट के द्वारा शुरू किया गया था। * धौलावीरा शहर  का आकार समांतर चतुर्भुज के आकार का था जो चारों तरफ से एक मजबूत दीवार से घिरा हुआ मिलता है, धौलावीरा कच्छ के रण के मध्य में खड़ीर नामक द्वीप पर स्थित है।  * धौलावीरा को कोटड़ा टिम्बा ( Kotada Timba ) के नाम से भी जाना जाता है, धौलावीरा कर्क रेखा पर स्थित है। भारत में वर्तमान में कुल कितने विश्व धरोहर स्थल है? धौलावीरा के विश्व धरोहर सूची में शामिल होने के बाद भारत में कुल 40 विश्व धरोहर स्थल हो चुके हैं, इनमें से 32 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और एक मिश्रित विश्व धरोहर स्थल शामिल है। * तेलंगाना का रामप्पा लिंगेश्वर मंदिर ( रामप्पा मंदिर) हाल ही में भारत का 39 वां विश्व धरोहर स्थल घोषित हुआ। गुजरात में कुल कितने विश्व धरोहर स्थल हैं? वर्तमान समय में गुजरात में चार य...

चुंबकीय पदार्थ (Magnetic Substances ) कितने प्रकार के होते हैं?

इस आर्टिकल में आज हम पढ़ेंगे चुंबकीय पदार्थों ( Diamagnetic Substances ) के बारे में,क्या होते हैं चुंबकीय पदार्थ ( Diamagnetic Substances ) व कितने होते हैं उनके प्रकार, आईए विस्तार से जानते हैं इस आर्टिकल में- चुंबकीय पदार्थ ( Magnetic Substances)- वे पदार्थ दिन में चुंबकीय गुण पाए जाते हैं चुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं। चुंबकीय के पदार्थों के प्रकार (Types of Magnetic Substances)- चुंबकीय पदार्थ मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं- 1. प्रतिचुंबकीय पदार्थ (Diamagnetic Substances) 2. अनुचुंबकीय पदार्थ (Paramagnetic Substances) 3. लौह चुंबकीय पदार्थ ( Ferromagnetic Substances) चुंबकीय पदार्थों (magnetic substances) के प्रकारों को याद करने की ट्रिक- Dia_Para_Ferroo 1. प्रतिचुंबकीय पदार्थ (Diamagnetic Substances) - प्रतिचुंबकीय पदार्थ वे पदार्थ होते हैं, जो चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में चुंबकीय हो जाते हैं। प्रतिचुंबकीय (Diamagnetic) पदार्थों के उदाहरण- A. जस्ता, एक प्रतिचुंबकीय (Diamagnetic) पदार्थ है। B. बिस्मथ, एक प्रतिचुंबकीय (Diamagnetic) पदार्थ है। C. ता...

केशवानंद भारती केस 1973 क्या है?

क्या है प्रसिद्ध केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य वाद 1973? क्या उद्देशिका संविधान का भाग है? यही वह सवाल है जिस पर केसवानंद भारती बनाम केरल राज्य वाद 1973 में उच्चतम न्यायालय ने यह कहा था की उद्देशिका संविधान का अंग है और संविधान को संवैधानिक आधार के प्रकाश में पढ़ा और निर्वचित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही इस केस में उच्चतम न्यायालय ( supream court ) ने यह स्पष्ट किया था कि भारतीय संविधान की उद्देशिका को भारतीय जनता ने स्वयं को प्रदान किया और भारतीय संविधान को अपनाया भी है ( यानी सरल शब्दों में उद्देश्यिका से यह पता चलता है कि भारत के लोगों ने उद्देशिका को स्वयं को दिया और भारतीय संविधान को अपनाया)।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 2 क्या है?

  भारतीय संविधान का अनुच्छेद  2- नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना - इस अनुच्छेद के अनुसार  संसद, विधि द्वारा , ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकेगी। अनुच्छेद 2क- सिक्किम का संघ के साथ सहयुक्त किया जाना- संविधान ( 36 संशोधन ) अधिनिय,1975 की धारा 5 द्वारा ( 26-4-1975 से ) निरसित