Skip to main content

Posts

प्रमुख व्यक्ति एवं उनसे संबंधित सामान्य ज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न

  प्रमुख व्यक्ति एवं उनसे संबंधित महत्वपूर्ण स्थानों को अक्सर अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता है, इसलिए यहां विश्व के प्रमुख व्यक्ति एवं उनसे संबंधित स्थानों से संबंधित सामान्य ज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न व प्रमुख व्यक्ति व उनसे संबंधित स्थानों के बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं- Q(1) कोर्सिका नामक स्थान का संबंध निम्न में से किस व्यक्ति से है- A) ईसा मसीह से B) सिकंदर से C) नेल्सन मंडेला से D) नेपोलियन से Q(2) कपिलवस्तु नामक स्थान का संबंध निम्नलिखित में से किस व्यक्ति से है- A) गुरु नानक से B) गौतम बुद्ध से C) अरविंद घोष से D) महावीर से Q(3) मेसीडोनिया नामक स्थान का संबंध निम्नलिखित में से किस व्यक्ति से है- A) जनरल डायर से B) सिकंदर से C) ईसा मसीह से D) रिचर्ड निक्सन से Q(4) ट्रैफेलगर नामक स्थान का संबंध निम्नलिखित में से किस व्यक्ति से है- A) ईसा मसीह से B) सिकंदर से C) नेपोलियन से D) रिचर्ड निक्सन से Q(5) जलियांवाला  बाग नामक स्थान का संबंध किस व्यक्ति से है- A) लाला लाजपत राय से B) सिकंदर से C) जनरल डायर से D) रिचर्ड निक्सन से Q(6) निम्नलिखित में से " आन...

विश्व के प्रमुख पठार से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

विश्व के प्रमुख पठार से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न- विश्व के प्रमुख पठार , सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं में पूछा जाने वाला विषय है, भूगोल से आने वाले सभी प्रश्नों को सामान्य अध्ययन के भाग के रूप में प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता है, विश्व के प्रमुख पठारों से संबंधित प्रश्न महत्वपूर्ण हैं,इसलिए यह पठार प्रतियोगी परीक्षाओं में अकसर पूछे जाते हैं और अत्यंत महत्वपूर्ण है- पठार किसे कहते हैं? पठार वे भू-  स्थलाकृतियां होती है, जो ऊंचाई में पर्वतों से छोटी जबकि मैदानों से ऊंची होती है, सामान्यतः 500 फीट से अधिक ऊंचाई वाली स्थल आकृतियों को पठार कहते हैं। या पठार धरातल का वह विशिष्ट रूप होते हैं जो अपने आसपास के स्थान से प्रायः ऊंचे होते हैं तथा इनका शीर्ष भाग चौड़ा और सपाट होता है, विश्व के कुछ सर्वाधिक ऊंचाई वाले पठार निम्नलिखित हैं- तिब्बत का पठार - तिब्बत के पठार की ऊंचाई 16000 फीट है। बोलीविया का पठार - बोलीविया के पठार की ऊंचाई 12000 फीट है। कोलंबिया का पठार - कोलंबिया के पठार की ऊंचाई 7800 फीट है। प्रश्न - पठार कितने प्रकार के होते हैं ? उत्तर- पठार निम्नलिखित प्र...

हुमायूं से संबंधित सभी महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी प्रश्न

 इतिहास सभी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं का अभिन्न अंग रहा है, इसी क्रम में इतिहास से अनेक प्रश्न पूछे जाते हैं , इस प्रकार इतिहास के अनेक टॉपिको में से मुगल साम्राज्य भी एक महत्वपूर्ण इतिहास का टॉपिक है जिससे अनेक केंद्र तथा राज्य सरकारों के प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रश्न पत्र तैयार किया जाता है, मुगल साम्राज्य के शासकों में हम बाबर के बारे में पहले ही बात कर चुके हैं, इस ब्लॉग पोस्ट में आज हम जानेंगे हुमायूं के बारे में! प्रश्न- हुमायूं कौन था? उत्तर - हुमायूं, बाबर का सबसे बड़ा पुत्र व उसका उत्तराधिकारी था। प्रश्न- हुमायूं कब गद्दी पर बैठा था? उत्तर- हुमायूं का पूरा नाम नसरुद्दीन हुमायूं था, हुमायूं 29 दिसंबर 1530 को आगरा में 23 वर्ष की अवस्था में से सिंहासन पर बैठता है । प्रश्न- हुमायूं का शासन काल क्या है? उत्तर- हुमायूं का कार्यकाल 1530 से 1556 था । प्रश्न- गद्दी पर बैठने से पहले हुमायूं कहां का सूबेदार था? उत्तर- गद्दी पर बैठने से पहले हुमायूं बदख्शां का सूबेदार था । प्रश्न- बाबर के निर्देश के अनुसार हुमायूं ने अपने राज्य का बंटवारा अपने ...

सामान्य ज्ञान: बाबर कौन था? बाबर से संबंधित सभी महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी प्रश्न

  मुगल साम्राज्य -  मुगल साम्राज्य की स्थापना  बाबर ने की थी, बाबर एक उत्तरवर्ती मुगल शासक था, बाबर तुर्क था तथा साथ ही साथ वह एक सुन्नी मुसलमान था। बाबर ने मुगल वंश की स्थापना के साथ-साथ पद पादशाही की स्थापना भी की थी जिसके तहत शासक को बादशाह कहा जाता था। 1) मुगल वंश की स्थापना किसने की थी? उत्तर - बाबर ने , 2) पद पादशाही की स्थापना किसने की थी? उत्तर- बाबर ने, 3) बाबर कौन था? उत्तर - बाबर मुगल वंश का संस्थापक व शासक था, जो तुर्क एवं सुन्नी मुसलमान था। बाबर ( 1526- 1530 ) 1) बाबर का जन्म कब हुआ था? उत्तर - बाबर का जन्म फरवरी 1483 ईस्वी में हुआ था। 2) बाबर के पिता का नाम क्या था? उत्तर - बाबर के पिता का नाम उमर शेख मिर्जा था , जो फरगना नामक छोटे राज्य के शासक थे। 3) बाबर फरगना की गद्दी पर कब बैठा? उत्तर- 1494 में, 4) बाबर ने बादशाह की उपाधि कब धारण की थी? उत्तर - 1507 में,जिसे अभी तक किसी तैमूर शासक ने धारण नहीं किया था । 5) बाबर के कितने पुत्र थे? उत्तर - 4 जिनके नाम - हुमायूं कामरान असकरी  तथा हिंदाल था। 6) बाबर ने भारत पर कितनी बार आक्रमण किया? उत्तर - पांच ...

सामान्य ज्ञान : प्रमुख विदेशी लेखक एवं उनकी पुस्तकें

प्रमुख विदेशी लेखक एवं उनकी पुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाला एक महत्वपूर्ण टॉपिक है, इस पोस्ट में आज हम विदेशी लेखकों के द्वारा लिखी गई 50 से अधिक पुस्तकों के बारे में जानेंगे, ये विदेशी लेखक विश्व विख्यात हस्तियां है, इसीलिए इनके द्वारा लिखी गई पुस्तकें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण होती हैं, प्रमुख विदेशी लेखकों के द्वारा लिखी गई पुस्तकें निम्नलिखित हैं-  1) वेल्थ ऑफ नेशन किसकी पुस्तक है? Ans- एडम स्मिथ की, 2) द वर्ल्ड एज आई सी इट किसकी पुस्तक है ? Ans-  अल्बर्ट आइंस्टीन की, 3) एयरपोर्ट किसकी पुस्तक है ? Ans- आर्थर हेले की, 4) प्राइज आफ पावर किसकी पुस्तक है ? Ans- सैम्युल हर्ष की, 5) डिवाइन कामेडी किसकी पुस्तक है? Ans- दांते की, 6) ओडिसी, इलीयट नामक प्रसिद्ध पुस्तकें हैं? Ans- होमर की 7) ट्रापिक आफ कैंसर किसकी पुस्तक है ? Ans- हेनरी मिलर की, 8) प्रिंसीपिया किसकी प्रसिद्ध पुस्तक है ? Ans- आइजैक न्यूटन की, 9) पैराडाइज लास्ट ( paradise lost ) किसकी पुस्तक है ? Ans- जान मिल्टन की, 10) रिपब्लिक किसकी पुस्तक है? Ans- प्लेटो की, 1...

महाजनपदों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

 बुध के जन्म से पूर्व छठी शताब्दी ईसा पूर्व में भारतवर्ष में 16 महाजनपद थे इनकी जानकारी बौद्ध ग्रंथ अंगुत्तर निकाय से मिलती है। 16 महाजनपद कौन-कौन से हैं? 1. अंग महाजनपद - अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी, जोकि आधुनिक समय में बिहार के भागलपुर तथा मुंगेर क्षेत्र में स्थित था। 2. मगध महाजनपद - मगध की प्रारंभिक राजधानी गिरिब्रज थी जो बाद में राजगृह स्थानांतरित की गई, मगध महाजनपद आधुनिक समय के बिहार स्थित पटना, गया भाग में स्थित था। 3. काशी महाजनपद - काशी महाजनपद की राजधानी वाराणसी थी, जोकि आधुनिक उत्तर प्रदेश के वाराणसी के आसपास का क्षेत्र था। 4. वत्स महाजनपद - वत्स महाजनपद की राजधानी कौशांबी थी, जोकि आधुनिक इलाहाबाद के आसपास का क्षेत्र था। 5. वज्जि महाजनपद - वज्जि महाजनपद की राजधानी वैशाली, विदेह तथा मिथिला थी। जो आधुनिक मुज़फ़्फ़रपुर एवं दरभंगा के आसपास का क्षेत्र था। 6. कौशल महाजनपद - कौशल महाजनपद की राजधानी श्रावस्ती थी जो कि आधुनिक फैजाबाद ( उत्तर प्रदेश ) में स्थित थी। 7. अवन्ति महाजनपद - अवन्ति महाजनपद की राजधानी उज्जैन/ महिष्मति थी जो आधुनिक समय में मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्...

भारत के भूगोल से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

* भूगोल के नामकरण एवं इस विषय को प्राथमिक स्तर पर व्यवस्थित करने का श्रेय यूनान के निवासियों को जाता है। * सर्वप्रथम " भौगोलिक तत्वों का क्रमबद्ध समावेश " किसने किया था? - भौगोलिक तत्वों का क्रमबद्ध समावेश , सर्वप्रथम " हिकेटियस " ने अपनी पुस्तक " जस पीरियोडस " में किया था , जिसका शाब्दिक अर्थ " पृथ्वी का वर्णन " होता है । * अध्ययन के लिए भूगोल को 19 वीं शताब्दी में मान्यता मिली। * बीसवीं सदी के आरंभ में भूगोल मनुष्य और पर्यावरण के पारस्परिक संबंध के अध्ययन के रुप में विकसित हुआ, इसकी दो विचारधाराएं थी- * भूगोल में " संभववाद " से क्या तात्पर्य है? - संभववाद के अनुसार मनुष्य अपने  प्रर्यावरण में परिवर्तन करने में समर्थ है तथा वह प्रकृति प्रदत्त अनेक संभावनाओं को अपनी इच्छा के अनुसार उपयोग कर सकता है, संभववाद के समर्थक भूगोलवेता - वाइडल-डि-ला ब्लाश और फैब्रे हैं। * भूगोल में " निश्चयवाद " क्या है? - निश्चयवाद के अनुसार मनुष्य के सारे काम पर्यावरण द्वारा निर्धारित होते हैं, इसके अनुसार मनुष्य को स्वेच्छा अनुसार कुछ करने क...

Current affairs for competitive exams in hindi 10 July 2020

1) इंडिया ग्लोबल वीक 2020 का आयोजन कहां किया गया था व इसकी थीम क्या थी? - इंडिया ग्लोबल वीक 2020 का आयोजन ब्रिटेन में किया गया था, इसकी थीम- बी द रिवाइवल: इंडिया एंड अ बेटर न्यू वर्ल्ड था, 2)  मंगोलियाई कंजूर क्या है? - मंगोलियाई कंजूर एक प्रकार की पांडुलिपि है, यह सरकार द्वारा पांडुलिपियों के पुनः मुद्रित अंक जारी करने के बाद चर्चा में आई थी,पांडुलिपियों का पुनः मुद्रीकरण राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत किया जा रहा है। 3) भारत के किस सौर ऊर्जा परियोजना ने वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अवार्ड को प्राप्त किया है- मध्य प्रदेश में स्थित रीवा नामक जगह पर लगी अल्ट्रा सोलर पावर प्रोजेक्ट को वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट के द्वारा यह अवार्ड दिया गया है। 4) जम्मू और कश्मीर के कठुआ और अखनूर जिलों समेत सीमावर्ती क्षेत्र में रणनीतिक महत्व के पुलों का निर्माण किस परियोजना के तहत किया जा रहा है- प्रोजेक्ट संपर्क के तहत, 5) श्रम सुधार की दिशा में आगे बढ़ते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा श्रम सुधारों से जुड़े इस कानून को विशेषज्ञों से राय लेने के लिए सार्वजनिक कर दिया गया है- ...

1858 का भारत शासन अधिनियम और उसकी विशेषताएं ( Hindi )

1858 का भारत शासन अधिनियम- इस महत्वपूर्ण कानून का निर्माण 1857 के विद्रोह के बाद किया गया, जिसे भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम या सिपाही विद्रोह भी कहा जाता है, 1858 का भारत शासन अधिनियम, भारत के शासन को अच्छा बनाने वाला अधिनियम के नाम से प्रसिद्ध है, 1858 का भारत शासन अधिनियम ही वह अधिनियम है, जिसने ईस्ट इंडिया कंपनी को समाप्त कर दिया और गवर्नर क्षेत्रों और राज्यों से संबंधित शक्तियों को ब्रिटिश राजशाही को हस्तांतरित कर दिया था। 1858 के भारत शासन अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं- 1858 के भारत शासन अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं- 1) इसके तहत भारत का शासन सीधे महारानी विक्टोरिया के अधीन चला गया तथा गवर्नर जनरल का पद नाम बदलकर भारत का वायसराय कर दिया गया, इस प्रकार वॉयसराय भारत में ब्रिटिश ताज का प्रत्यक्ष प्रतिनिधि बन गया, भारत के प्रथम वायसराय लॉर्ड कैनिंग थे। 2) 1858 के भारत शासन अधिनियम ने नियंत्रण बोर्ड और निर्देशक कोर्ट को समाप्त कर भारत में चल रही द्वैध प्रणाली को समाप्त कर दिया। 3) 1858 के भारत शासन अधिनियम ने एक नये पद का सृजन किया जो कि भारत का राज्य सचिव...

1853 का चार्टर अधिनियम हिंदी में।। Charter Act of 1853 in hindi

Charter act Charter act 1853 in Hindi - 1853 in Hindi - 1793 से 1853 के दौरान ब्रिटिश संसद द्वारा पारित किए गए चार्टर अधिनियमओं की श्रृंखला में यह अंतिम अधिनियम था,संवैधानिक विकास की दृष्टि से यह अधिनियम एक महत्वपूर्ण अधिनियम था , इस अधिनियम की विशेषताएं निम्नानुसार थी- 1. 1853 के चार्टर अधिनियम ( Charter Act of 1853 ) की पहली विशेषता यह थी कि इसमें पहली बार गवर्नर जनरल की परिषद के विधायी एवं प्रशासनिक कार्यों को अलग कर दिया गया, इसके तहत परिषद में 6 नए पार्षद जोड़े गए जिन्हें विधान पार्षद कहा जाता था, दूसरे शब्दों में इसकी बात की जाए तो इसका अर्थ यह है कि इसने गवर्नर जनरल के लिए नई विधान परिषद का गठन किया जिसे भारतीय केंद्रीय विधान परिषद कहा गया, परिषद की इस शाखा ने छोटी संसद की तरह कार्य किया इसमें वही प्रक्रिया अपनाई गई जो ब्रिटिश संसद में अपनाई जाती थी इस प्रकार विधायिका को पहली बार सरकार के विशेष कार्य के रूप में जाना गया, जिसके लिए विशेष मशीनरी और प्रक्रिया की जरूरत थी। 2. 1853 के चार्टर अधिनियम ने सिविल सेवकों की भर्ती एवं चयन हेतु खुली प्रतियोगिता व्यवस्था का शुभारं...