Skip to main content

भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएं

 प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजनाएं-

इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे भारत की प्रमुख नदी घाटी परियोजनाओं के बारे में और जानेंगे वह किस नदी पर स्थित है तथा किन राज्यों को उनसे लाभ होता है, आइए शुरू करते हैं भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएं-

यह परियोजना सतलज नदी पर स्थित है, यह पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान राज्य की संयुक्त बहुउद्देशीय परियोजना है।

यह परियोजना व्यास नदी पर स्थित है, यह राजस्थान, पंजाब, हरियाणा तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों की संयुक्त बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है।

यह परियोजना दामोदर नदी पर स्थित है, यह 2 राज्यों झारखंड तथा पश्चिम बंगाल की संयुक्त बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है।

हीराकुंड बांध परियोजना उड़ीसा राज्य में महानदी पर स्थित है।

5. चंबल परियोजना-
यह परियोजना चंबल नदी पर स्थित है यह राजस्थान तथा मध्य प्रदेश की संयुक्त बहुउद्देशीय परियोजना है।

6. तुंगभद्रा परियोजना-
तुंगभद्रा परियोजना तेलंगाना तथा कर्नाटक की संयुक्त बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है, यह तुंगभद्रा नदी पर स्थित है।

7. मयूराक्षी परियोजना-
यह परियोजना पश्चिम बंगाल में मयूराक्षी नदी पर स्थित है।

8. नागार्जुन सागर परियोजना-
यह परियोजना कृष्णा नदी पर स्थित है, यह आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना की संयुक्त बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है।

9. कोसी परियोजना-
कोसी परियोजना कोसी नदी पर स्थित है, यह बिहार तथा नेपाल की संयुक्त बहुउद्देशीय परियोजना है।

10. गंडक नदी परियोजना-
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, गंडक नदी परियोजना यह गंडक नदी पर स्थित है यह भी बिहार तथा नेपाल के बीच स्थित परियोजना है।

11. फरक्का परियोजना-
फरक्का परियोजना पश्चिम बंगाल में स्थित है।

12. काकडापारा परियोजना-
काकडापारा परियोजना गुजरात में ताप्ती नदी पर स्थित है।

13. तवा परियोजना-
तवा परियोजना मध्यप्रदेश में तवा नदी पर स्थित है।

14. नागपुर शक्ति गृह परियोजना-
यह परियोजना महाराष्ट्र में कोराड़ी नदी पर स्थित है।

15. इंदिरा गांधी नहर परियोजना-
यह परियोजना सतलज नदी पर स्थित है, यह राजस्थान, पंजाब व हरियाणा के बीच संयुक्त परियोजना है।

16. उकाई परियोजना-
उकाई परियोजना गुजरात में ताप्ती नदी पर स्थित है।

17. पोचम्पाद परियोजना-
पोचम्पाद परियोजना कर्नाटक में गोदावरी नदी पर स्थित है।

18. मालप्रभा परियोजना-
यह परियोजना मालप्रभा नदी पर कर्नाटक में स्थित है।

19. महा नदी डेल्टा परियोजना-
यह परियोजना महानदी पर स्थित है ओडिशा राज्य में।

20. रिहंद परियोजना-
रिहंद परियोजना रिहंद नदी पर उत्तर प्रदेश में स्थित है।

21. कुंडा परियोजना-
यह परियोजना तमिलनाडु में कुंडा नदी पर स्थित है।

22. दुर्गा बैराज परियोजना-
यह परियोजना दामोदर नदी पर स्थित है, यह पश्चिम बंगाल तथा झारखंड के बीच संयुक्त बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है।

23. इडुक्की परियोजना-
यह परियोजना केरल में, पेरियार नदी पर स्थित है।

24. टिहरी बांध परियोजना-
यह परियोजना भागीरथी नदी पर स्थित है, यह उत्तराखंड राज्य में स्थित है।

25. माताटीला परियोजना-
यह परियोजना बेतवा नदी पर स्थित है यह उत्तर प्रदेश का मध्य प्रदेश के बीच संयुक्त परियोजना है।

26. कोयना परियोजना-
यह परियोजना महाराष्ट्र में कोयना नदी पर स्थित है।

27. रामगंगा परियोजना-
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में रामगंगा नदी पर स्थित है।

28. बगलिहार परियोजना-
बगलिहार परियोजना जम्मू कश्मीर में चिनाव नदी पर स्थित है।

29. सरदार सरोवर परियोजना-
यह परियोजना नर्मदा नदी पर स्थित है, यह गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा राजस्थान इन चार राज्यों के मध्य संयुक्त परियोजना है।

30. तिलैया परियोजना-
तिलैया परियोजना बराकर नदी पर झारखंड में स्थित है।

31. दुलहस्ती परियोजना-
दुल हस्ती परियोजना चिनाब नदी पर जम्मू-कश्मीर में स्थित है।

32. तुलबुल परियोजना-
तुलबुल परियोजना झेलम नदी पर जम्मू कश्मीर में स्थित है।

33. सरहिंद नहर परियोजना-
सरहिंद नहर परियोजना सतलज नदी  पर हरियाणा में स्थित है।

34. जवाहर सागर परियोजना-
यह परियोजना चंबल नदी पर राजस्थान में स्थित है।

35. राणा प्रताप सागर परियोजना-
यह परियोजना भी जवाहर सागर परियोजना की भांति ही चंबल नदी पर राजस्थान में स्थित है।

36. नर्मदा सागर परियोजना-
यह परियोजना नर्मदा नदी पर स्थित है, यह मध्य प्रदेश तथा गुजरात की संयुक्त परियोजना है।

37. बाणसागर परियोजना-
यह परियोजना बिहार उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश राज्यों की संयुक्त परियोजना है, यह सोन नदी पर स्थित है।

38. गंगा सागर परियोजना-
यह परियोजना मध्य प्रदेश में चंबल नदी पर स्थित है।

39. पंचेत बांध परियोजना-
यह परियोजना दामोदर नदी पर स्थित है, यह झारखंड तथा पश्चिम बंगाल के बीच संयुक्त परियोजना है।

40. शरावती परियोजना-
यह शरावती नदी पर कर्नाटक में स्थित है।

41. दंडकारण्य परियोजना-
यह परियोजना उड़ीसा तथा मध्य प्रदेश की संयुक्त परियोजना है।

42. हंसदेव बंगो परियोजना-
यह परियोजना छत्तीसगढ़ में हंसदेव नदी पर स्थित है।

43. बार्गी परियोजना-
यह परियोजना मध्यप्रदेश में बार्गी नदी पर स्थित है।

44. पूर्णा परियोजना-
यह परियोजना महाराष्ट्र में पूर्णा नदी पर स्थित है।

45. शारदा परियोजना-
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में शारदा तथा गोमती नदी में स्थित है।

46. गिरना परियोजना-
यह परियोजना महाराष्ट्र में गिरना नदी पर स्थित है।

47. मुचकुंड परियोजना-
यह परियोजना उड़ीसा तथा आंध्र प्रदेश की संयुक्त परियोजना है जो मुचकुंड नदी पर स्थित है।

48. परमबीकुलम अलीयार परियोजना-
यह परियोजना तमिलनाडु एवं केरल की संयुक्त परियोजना है जो 8 छोटी नदियों पर स्थित है।

49. कांगसावती परियोजना-
यह परियोजना का कांगसावती नदी में पश्चिम बंगाल में स्थित है।

50. कोल डैम परियोजना-
यह परियोजना हिमाचल प्रदेश में सतलुज नदी पर स्थित है।

51. पनामा परियोजना-
यह परियोजना पनामा नदी पर गुजरात में स्थित है।

52. नाथपा झाकरी परियोजना-
यह परियोजना हिमाचल प्रदेश में सतलज नदी पर स्थित है।

53. सतलज परियोजना-
यह परियोजना चिनाब नदी पर जम्मू-कश्मीर में स्थित है।

54. हिडकल परियोजना-
यह परियोजना कर्नाटक राज्य में घटप्रभा नदी पर स्थित है।

55. रणजीत सागर बांध परियोजना-
यह परियोजना पंजाब में रावी नदी पर स्थित है।

56. जायकवाड़ी परियोजना-
यह परियोजना गोदावरी नदी पर महाराष्ट्र में स्थित है।

57. भद्रा परियोजना-
यह परियोजना भद्रा नदी पर कर्नाटक में स्थित है।

58. भीमा परियोजना-
यह परियोजना पवना नदी पर महाराष्ट्र में स्थित है।

59. घटप्रभा परियोजना-
यह परियोजना कर्नाटक में घटप्रभा नदी पर स्थित है।

60. ऊपरी कृष्णा परियोजना-
यह परियोजना कृष्णा नदी पर कर्नाटक में स्थित है, इसी नदी के ऊपर अलमेटी बांध बना हुआ है।


Comments

Post a Comment

Please do not share any spam link in comment box

Popular posts from this blog

अर्थशास्त्र की परिभाषा लिखिए?

  अर्थशास्त्र की परिभाषा - “ मानव की आर्थिक गतिविधियों का अध्ययन अर्थशास्त्र कहलाता है " यह अर्थशास्त्र की सबसे सरल परिभाषा है परन्तु जैसा की आप सभी पाठक जानते हैं www.fynclick.blogspot.com आप को सबसे सरल व पूर्ण व्याख्या प्रस्तुत करता है तो इसी कड़ी में हम आगे जानेंगे कि ये " आर्थिक गतिविधियों " से सामान्यतः क्या अर्थ निकाला जाता है। अर्थशास्त्र में आर्थिक गतिविधियों से क्या तात्पर्य है? अर्थशास्त्र में  मानव की वे सभी गतिविधियां जिनमें मुद्रा शामिल होती है आर्थिक गतिविधियां कहलाती है और मुद्रा शामिल करने का मुख्य कारण लाभ कमाना होता है। आर्थिक गतिविधियों के उदाहरण - नौकरी देना, नौकरी पाना, किसी चीज का क्रय-विक्रय, किसी भी प्रकार का व्यवसाय आदि सभी आर्थिक गतिविधियों हैं। P.A Samuelson and W.D Nordhuas के अनुसार अर्थशास्त्र की क्या परिभाषा है?  P.A Samuelson and W.D Nordhuas के अनुसार अर्थशास्त्र की परिभाषा “ अर्थशास्त्र समाज द्वारा दुर्लभ संसाधनों के उपयोग से मूल्यवान उत्पादों के उत्पादन और उनके वितरण का अध्ययन करता है”  J.E Stiglitz and C.E Walsh के अनुसार अर्थशा...

भारत के प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र

प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र- भारत में पेट्रोलियम जो कि आधुनिक भारत की मूलभूत आवश्यकता है पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है, जिसका भारी मात्रा में विदेशों से आयात किया जाता है इसके बावजूद भारत में कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां पर पेट्रोलियम खनिज पाया जाता है इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे उन्हीं विशेष पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्रों की- असम - असम भारत का एक प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक राज्य है जिसमें पेट्रोलियम खनिज के उत्पादन के लिए दो क्षेत्र महत्वपूर्ण है, उनमें से पहला है डिग्बोई तथा दूसरा है सूरमा घाटी प्रश्न- सूरमा घाटी नामक पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र किस राज्य के अंतर्गत आता है? उत्तर- सूरमा घाटी नामक पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र असाम राज्य के अंतर्गत आता है। गुजरात - गुजरात भी पेट्रोलियम उत्पादक राज्य है यहां पर खंभात तथा अंकलेश्वर नामक दो पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र स्थित हैं। महाराष्ट्र - महाराष्ट्र भी भारत का एक प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है यहां पर बॉम्बे हाई नामक जगह से पेट्रोलियम का उत्पादन किया जाता है। भारत में पेट्रोलियम उत्पादन से संबंधित कुछ विशेष बिंदु- * गुजरात के...

General knowledge in Hindi - चैत्य व विहार में क्या अंतर होता है?

General knowledge में आज बात करते हैं चैत्य व विहार में अंतर की चैत्य तथा विहार दोनों का संबंध बौद्ध धर्म से है, भारत की कला तथा संस्कृति में चैत्यों तथा विहारों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है , विहार बौद्ध धर्म में वे गुफाएं या कंदराएं हुआ करती थी जिनका निर्माण बौद्ध भिक्षु अपने विश्राम या रहने के लिए करते थे जबकि चैत्य का प्रयोग बौद्ध भिक्षु प्रार्थना करने के लिए करते थे। उदाहरण के लिए - अजंता की गुफाएं महाराष्ट्र में स्थित हैं जिसमें कुल 29 गुफाएं स्थित हैं व इन 29 गुफाओं में से 25 विहार व 4 चैत्य हैं।

भारत के राजद्रोह कानून की वर्तमान समय में प्रासंगिकता

 Current Affairs Today- भारत में राजद्रोह कानून  राजद्रोह कानून या Sedition Law क्या होता है?  इस आर्टिकल में हम पढ़ेंगे राजद्रोह कानून क्या है? भारत में राजद्रोह कानून की आवश्यकता ? व राजद्रोह कानून की क्या सीमाएं हैं? राजद्रोह कानून भारत की संसद द्वारा पारित एक अलग अधिनियम नहीं है बल्कि यह भारतीय दंड संहिता का एक भाग है जिसका उल्लेख भारतीय दंड संहिता की धारा 124A में किया गया है, यह 152 साल पुराना औपनिवेशिक कानून है जिसे 1870 में अंग्रेजो के द्वारा बनाया गया था। IPC के Section 124A के अनुसार राजद्रोह की परिभाषा यदि कोई व्यक्ति, बोले या लिखे गए शब्दों या संकेतों के द्वारा या दृश्य प्रस्तुति द्वारा, भारत में विधि द्वारा स्थापित सरकार के प्रति घृणा या अवमानना या असंतोष उत्पन्न करेगा तो उसे राजद्रोह के लिए आरोपी बनाया जा सकता है। ऊपर लिखे गए असंतोष शब्द में निष्ठा हीनता तथा शत्रुता की सभी भावनाओं को शामिल किया गया है। राजद्रोह भारत में एक गैर जमानती अपराध है जिसमें 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा जुर्माने के साथ या जुर्माने की बिना हो सकती है। आरोपित व्यक्ति को सरकार...

भारत की प्रमुख ब्रिटिश कालीन आयोग व समितियां

ब्रिटिशकालीन आयोग व समितियां- ब्रिटिश काल में बने प्रमुख आयोग समितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी इस आर्टिकल में प्रदान की गई है, इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे ब्रिटिश काल में बने 30 प्रमुख आयोग व समितियों के बारे में तो चलिए शुरू करते हैं- 1. इनाम आयोग- इनाम आयोग की स्थापना 1852 में की गई थी, इसके अध्यक्ष इनाम थे, उस समय भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी थे। इनाम आयोग का उद्देश्य भूमि संबंधी विवेचना था। 2. दुर्भिक्ष आयोग(I)-दुर्भिक्ष आयोग की स्थापना 1880 में की गई थी दुर्भिक्ष आयोग के अध्यक्ष रिचर्ड स्ट्रेची थे, इस समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड लिटन थे, दुर्भिक्ष आयोग का उद्देश्य अकाल निवारण पर विचार करना था, 3.हण्टर आयोग- हंटर आयोग की स्थापना 1882 में की गई थी, इसके अध्यक्ष विलियम हंटर थे, हंटर आयोग की स्थापना के समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड रिपन थे, इस आयोग का उद्देश्य शिक्षा का विकास था। 4. एचिंसन आयोग-एचिसंन आयोग का गठन 1886 मैं किया गया था, इसके अध्यक्ष चार्ल्स एचिसंन थे,जिसमें एचिसंन आयोग बना उस समय भारत के वॉयसराय लॉर्ड डफरिन थे,एचिंसन आयोग का उद्देश्य नागरिक सेवा में भारतीयों की...

दीर्घ संधि किसे कहते हैं व दीर्घ संधि के 50 उदाहरण

  दीर्घ संधि- दीर्घ संधि स्वर संधि का एक भाग है, दीर्घ संधि में यदि 'अ' , ' इ' , 'उ'  के पश्चात 'अ', 'आ', 'इ','ई','उ','ऊ, स्वर आए तो दोनों को मिलाकर दीर्घ 'आ', 'ई', 'ऊ' हो जाता है। दीर्घ संधि का सूत्र - अक: सवर्णे दीर्घ:  दीर्घ संधि के उदाहरण- दीर्घ संधि में ( अ+अ= आ ) के उदाहरण- धर्म +  अर्थ = धर्मार्थ स्व  +   अर्थी = स्वार्थी देव  +  अर्चन = देवार्चन वीर + अंगना = वीरांगना मत + अनुसार = मतानुसार दीर्घ संधि में ( अ+आ= आ) के उदाहरण- देव + आलय = देवालय नव + आगत = नवागत सत्य + आग्रह = सत्याग्रह देव + आगमन = देवागमन सल्तनत काल के महत्वपूर्ण MCQ's भाग- 1 सल्तनत काल के महत्वपूर्ण MCQ's भाग-2 दीर्घ संधि में ( आ+अ= आ ) के उदाहरण - परीक्षा+ अर्थी = परीक्षार्थी सीमा+ अंत = सीमांत दिशा+ अंतर = दिशांतर रेखा + अंश = रेखांश दीर्घ संधि में ( आ+आ=आ) के उदाहरण- महा + आत्मा = महात्मा विद्या + आलय = विद्यालय वार्ता + आलाप = वार्तालाप महा + आनंद = महानंद दीर्घ संधि में ( इ + इ= ई )  के उदाहरण- अति+ इ...

General Hindi- शेखर जोशी का जीवन परिचय

  शेखर जोशी का जीवन परिचय व प्रमुख रचनाएं  * शेखर जोशी जी का जन्म 10 सितम्बर 1932 को अल्मोड़ा के औलिया गांव में हुआ था। * शेखर जोशी की रचनाओं में पहाड़ के जीवन  का समावेश मिलता है। * शेखर जोशी की प्रख्यात कहानी “ दाज्यू ” पर बाल फिल्म सोसाइटी द्वारा फिल्म का निर्माण किया गया है। * शेखर जोशी की “ कोसी का घटवार ” नामक कहानी “ कल्पना ” नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई थी। इसी कहानी से शेखर जोशी को पहचान मिली। *  शेखर जोशी को उत्तर प्रदेश संस्थान द्वारा महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार से 1987 में सम्मानित किया गया। * शेखर जोशी को साहित्य भूषण सम्मान 1995 में मिला। * शेखर जोशी को पहल सम्मान 1997 में मिला । * शेखर जोशी का कार्यक्षेत्र कहानीकार तथा साहित्यकार था । शेखर जोशी के प्रमुख उपन्यास - 1) अथ मूषक उवाच - शेखर जोशी का उपन्यास है। 2) चींटी के पर - शेखर जोशी का उपन्यास है। 3) मेरा पहाड़ - शेखर जोशी का उपन्यास है। 4) साथ के लोग- शेखर जोशी का उपन्यास है। शेखर जोशी का शब्द चित्र संग्रह- एक पेड़ की याद - शेखर जोशी का शब्द चित्र संग्रह है। शेखर जोशी के कहानी संग्रह- 1...