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महादेवी वर्मा का जीवन परिचय- हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण कवि

महादेवी वर्मा का जीवन परिचय-

महादेवी वर्मा छायावाद के चार प्रमुख कवियों में से एक महत्वपूर्ण कवि है,इस आर्टिकल में आज हम जानेंगे महादेवी वर्मा के जीवन के बारे में महत्वपूर्ण बातें तथा व सभी बातें जो परीक्षा के अनुसार महत्वपूर्ण होती हैं तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाती है तो आइए शुरू करते हैं, महादेवी वर्मा का जीवन परिचय-

उत्तर- महादेवी वर्मा का जन्म 26 मार्च 1907 को उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में हुआ था।

प्रश्न (2)- महादेवी वर्मा के पिता का क्या नाम था?
उत्तर- महादेवी वर्मा के पिता का नाम गोविंद प्रसाद वर्मा था।

प्रश्न (3)- महादेवी वर्मा की माता का नाम क्या था?
उत्तर- महादेवी वर्मा की माता का नाम हेमरानी देवी था।

प्रश्न (4)- महादेवी वर्मा के पति का क्या नाम था ?
उत्तर- महादेवी वर्मा के पति का नाम स्वरूप नारायण वर्मा था।

प्रश्न (5)- महादेवी वर्मा के प्रमुख काव्य संग्रह कौन से हैं?
उत्तर- महादेवी वर्मा के प्रमुख काव्य संग्रह निम्नलिखित हैं-
1) निहार काव्य संग्रह
2) रश्मि काव्य संग्रह
3) नीरजा काव्य संग्रह
4) सांध्यगीत काव्य संग्रह
6) सप्तपूर्णा काव्य संग्रह

महादेवी वर्मा की प्रमुख बाल साहित्य से संबंधित रचनाएं-
1) ठाकुर जी बोले हैं,
2) आज खरीदेगें हम ज्वाला,

महादेवी वर्मा के प्रमुख निबंध संग्रह-
1) श्रृंखला की कड़ियां
2) विवेचनात्मक गद्य
3) साहित्यकार की आस्था तथा अन्य निबंध
4) क्षणदा
5) हिमालय

महादेवी वर्मा के प्रमुख रेखाचित्र-
1) अतीत के चलचित्र
2) स्मृति की रेखाएं

महादेवी वर्मा के संस्मरण-
1) पथ के साथी
2) मेरा परिवार
3) संस्मरण

महादेवी वर्मा का कहानी संग्रह-
1) गिल्लू

प्रश्न (6)- महादेवी वर्मा की किस रचना को ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ था?
उत्तर- महादेवी वर्मा को उनके काव्य संकलन यामा के लिए 1982 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

महादेवी वर्मा से संबंधित प्रमुख तथ्य-

* महादेवी वर्मा को ' आधुनिक युग की मीरा ' कहा जाता है ।

* सूर्यकांत त्रिपाठी ' निराला ' जी ने, महादेवी वर्मा को " हिंदी के विशाल मंदिर की सरस्वती" कहा है

* सुमित्रानंदन पंत व सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी महादेवी वर्मा के मुंह बोले भाई थे।

* महादेवी वर्मा जी ने 1955 में इलाहाबाद में 'साहित्यकार संसद' तथा ' रंगवाणी नाट्य संस्था ' स्थापित की थी।

* महादेवी वर्मा ने रामगढ़, नैनीताल में मीरा मंदिर नामक बंगले की स्थापना 1936 में की थी, जिसे वर्तमान समय में महादेवी वर्मा संग्रहालय के नाम से जाना जाता है।

* महादेवी वर्मा ने ' चांद ' एवं ' साहित्यकार ' पत्रिकाओं का संपादन भी किया।

* महादेवी वर्मा जी को 1956 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

* महादेवी वर्मा जी को 1988 में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

* महादेवी वर्मा जी भारत की पहली ऐसी कवित्री की जिन्होंने भारत में ' महिला कवि सम्मेलन ' की नींव रखी।

* महादेवी वर्मा को हिंदी साहित्य में रहस्यवाद का प्रवर्तक माना जाता है।

* चीन आक्रमण के जवाब में महादेवी वर्मा जी ने ' हिमालय ' नामक काव्य संग्रह का संपादन किया था।

* महादेवी वर्मा जी साहित्य अकादमी की सदस्यता ग्रहण करने वाली पहली महिला थी जिन्हें 1979 में साहित्य अकादमी की सदस्यता दी गई थी।

* महादेवी वर्मा जी को 1977 में कुमाऊं विश्वविद्यालय तथा 1984 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने डिलीट की उपाधि से सम्मानित किया था।

* महादेवी वर्मा जी का निधन 11 सितंबर 1987 को इलाहाबाद में हुआ था।



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